बंद आंखों से कर सकते हैं याददाश्त में जानकारियां कैद

जानकारियां याद करने में दिक्कत है? परेशान नहीं हों क्योंकि बंद आंखों से अपनी याददाश्त में कैद कर सकते हैं आप जानकारियां. एडिनबर्ग युनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि आंखें बंद कर ‘जागते हुए आराम’ करने के कुछ पल आपको जानकारियों को याद करने में मदद करते हैं.

aajtak.in
  • लंदन,
  • 25 जुलाई 2012,
  • अपडेटेड 3:41 PM IST

जानकारियां याद करने में दिक्कत है? परेशान नहीं हों क्योंकि बंद आंखों से अपनी याददाश्त में कैद कर सकते हैं आप जानकारियां. एडिनबर्ग युनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि आंखें बंद कर ‘जागते हुए आराम’ करने के कुछ पल आपको जानकारियों को याद करने में मदद करते हैं.

इतना ही नहीं यह तरीका जुबानी सूचनाओं में ज्यादा काम करता है. डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों का मानना है कि याददाश्त उतनी तेजी से नहीं बनती जितनी हम समझते हैं.

इस तरीके का उपयोग करने से मदद मिलती है. यूनिवर्सिटी के माइकला डेवार ने कहा, ‘हमारे निष्कर्ष इस विचार का समर्थन करते हैं कि नई स्मृतियों का निर्माण सेकंडों में नहीं होता.’

अखबार के अनुसार डेवार ने बताया, ‘हमारे अध्ययन ने यह प्रदर्शन किया कि कोई नहीं सूचना सीखने के बाद के कुछ मिनट के दौरान की हमारी गतिविधियां वास्तव में इसे प्रभावित करते हैं कि हम हफ्ता बाद इस सूचना को कितना याद रखते हैं.’

उल्लेखनीय है कि अनुसंधानकर्ताओं का यह दल 61 और 87 साल के उम्र में 33 लोगों पर अध्ययन कर इस नतीजे पर पहुंचा. उन्हें दो छोटी छोटी कहानियां सुनाई गईं और कहा गया कि वह जितना मुमकिन हो सके इन कहानियों की तफ्सील याद रखें.

इसके तत्काल बाद उन्हें कहा गया कि वे बताएं कि कहानी में क्या हुआ था. उसके बाद उन्हें दस मिनट का एक अंतराल दिया गया जिसमें या तो आंखें बंद कर विश्राम कराया गया या फिर कंप्यूटर पर फर्क खोजने वाले खेल खेलने दिया गया.

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