मणिशंकर अय्यर पर उद्धव ठाकरे का विवादित बयान, कहा- जूतों से होनी चाहिए पिटाई

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर पर विवादित बयान दिया है. ठाकरे ने मणिशंकर अय्यर पर कहा कि उन्हें जूतों से पीटा जाना चाहिए.

उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
विद्या
  • मुंबई,
  • 17 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:46 PM IST

  • उद्धव ठाकरे बोले- मणिशंकर अय्यर को जूतों से पीटा जाना चाहिए
  • शिवसेना प्रमुख बोले- राहुल गांधी बेवकूफ हैं और अब उनके पास बहुत समय है

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर पर विवादित बयान दिया है. ठाकरे ने कहा, 'मणिशंकर अय्यर को जूतों से पीटा जाना चाहिए.' इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर भी हमला बोला है. उद्धव ठाकरे ने राहुल गांधी को लेकर कहा, 'राहुल गांधी बेवकूफ हैं और अब उनके पास बहुत समय है. प्रधानमंत्री बनने की कोशिश करने से पहले उन्हें देश को समझने की कोशिश करनी चाहिए.'

माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे ने ये बयान वीर सावरकर के संदर्भ में दिया है. मणिशंकर अय्यर कई बार वीर सावरकर को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं. उद्धव ठाकरे ने हाल ही में कहा था कि जो लोग वीर सावरकर की विचारधारा को नहीं मानते हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से पीटा जाना चाहिए.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में वीर सावरकर की मूर्ति पर कालिख पोतने पर उद्धव ठाकरे ने कहा था कि महाराष्ट्र के सम्मानित शख्स सावरकर का अपमान करने वालों की सार्वजनिक पिटाई से उन्हें स्वतंत्रता का मूल्य समझ में आएगा. जो लोग सावरकर का सम्मान नहीं करते हैं, उन्हें एक बार सार्वजनिक रूप से मारना चाहिए. उन्होंने कहा था कि जिन्होंने सावरकर का अपमान किया, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हैं, उन्हें स्वतंत्रता का मूल्य नहीं समझ आएगा.

बाल ठाकरे ने चलाया था जूते मारो अभियान

साल 2004 में जब मणिशंकर अय्यर पेट्रोलियम मंत्री थे तो उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी का अपमान करने का साहस दिखाया था, साथ ही कांग्रेस सरकार ने अंडमान की सेल्युलर जेल से वीर सावरकर के बयान वाली तख्तियों को हटा दिया था. तब शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने जूते मारो अभियान चलाया था. शिवसेना शुरू से ही सावरकर के प्रति बेहद संवेदनशील और भावनात्मक रही है.

अय्यर के इस बयान पर हुआ था विवाद

साल 2018 में वीर सावरकर पर दिए मणिशंकर अय्यर के बयान पर काफी विवाद हुआ था. उनके बयान पर उनकी पार्टी कांग्रेस ने भी दूरी बना ली थी. सावरकर पर निशाना साधते हुए अय्यर ने कहा था कि 1923 में एक शख्स ने (जिसे वीडी सावरकर कहते थे) ऐसे शब्द की खोज की जो किसी भी धार्मिक पुस्तक में मौजूद नहीं है- 'हिन्दुत्व', इस प्रकार से दो देशों के सिद्धांत का पहला समर्थक, उनका वैचारिक गुरु है जो इस समय भारत में सत्ता में हैं. अय्यर ने ये बातें लाहौर में एक कार्यक्रम में कही थी. 

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