वाटर प्यूरीफायर पर करोड़ों खर्च लेकिन टंकी नहीं, हरियाणा की सरकारी योजना में बड़ी लापरवाही आई सामने

हरियाणा विधानसभा में पेश सीएजी रिपोर्ट ने 4,000 इलेक्ट्रिक अल्ट्रावायलेट वाटर प्यूरिफायर की खरीद पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पानी टैंक और बिजली कनेक्शन के बिना प्यूरिफायर खरीदे गए. 1.22 करोड़ रुपये का खर्च बेनतीजा रहा.

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1.95 करोड़ भुगतान के बाद भी अधिकांश वाटर प्यूरिफायर निष्क्रिय (Photo: Representational) 1.95 करोड़ भुगतान के बाद भी अधिकांश वाटर प्यूरिफायर निष्क्रिय (Photo: Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:32 PM IST

हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को पेश हुई सीएजी रिपोर्ट ने 4,000 इलेक्ट्रिक अल्ट्रावायलेट वाटर प्यूरिफायर (EUWP) की खरीद पर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, यह खरीद बिना यह सुनिश्चित किए की गई कि प्ले स्कूलों में पानी टैंक, पानी या बिजली के कनेक्शन उपलब्ध हैं या नहीं.

सरकार ने 2020-21 के बजट में आंगनवाड़ी केंद्रों को अपग्रेड कर 4,000 नए प्ले स्कूल खोलने की घोषणा की थी. इसके तहत महिला और बाल विकास विभाग ने 2021-22 और 2022-23 में विभिन्न सामानों के साथ EUWP भी खरीदे. 

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अक्टूबर 2021 में ओडिशा की एक फर्म को 4,000 EUWP की आपूर्ति का आदेश दिया गया, जिसकी प्रति यूनिट कीमत 4,871 रुपये थी और एक साल की रिप्लेसमेंट गारंटी दी गई. आपूर्ति जनवरी 2022 तक पूरी हो गई और मार्च 2023 तक 1.95 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया.

हालांकि, नवंबर 2024 तक मात्र 1,489 EUWP ही चालू हो सके जबकि बाकी 2,511 यूनिट पानी टैंक, पानी या बिजली कनेक्शन और फिटिंग की कमी के कारण नहीं लगाए जा सके. इस बीच, गारंटी अवधि भी समाप्त हो गई. सीएजी ने कहा है कि विभाग ने तकनीकी और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच किए बिना ही यह खरीदारी की, जो प्रशासनिक लापरवाही दर्शाता है.

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जनवरी 2024 में विभाग ने पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग से आवश्यक डिवाइस की सूची और अनुमान मांगा. फरवरी और मई 2024 में भी संबंधित विभागों से लागत का अनुमान प्राप्त करने की पहल हुई, लेकिन नवंबर 2024 तक यह प्रस्ताव विचाराधीन रहा. अगस्त 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 559 प्ले स्कूलों में पानी टैंक नहीं थे और 465 केंद्रों में बिजली कनेक्शन की कमी थी.

सीएजी ने निष्कर्ष निकाला कि 2,511 EUWP में से 1,487 की स्थिति साफ़ नहीं है और उनकी खराब होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. रिपोर्ट में जिम्मेदारी तय करने और बचे हुए प्यूरिफायर को जल्द से जल्द चालू करने की सख्त सिफारिश की गई है.

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