गुजरात: एंबुलेंस का चक्कर लगाते रहे चार बब्बर शेर, वैन में ही महिला ने दिया बच्चे को जन्म

खतरा ज्यादा था, उधर महिला दर्द से बेहाल थी जिसे जल्दी अस्पताल पहुंचाना जरूरी था. कुछ देर बाद ईएमटी जगदीश मकवाना और पायलट भरत अहीर ने हिम्मत से स्थिति को संभाला. दोनों ने मिलकर रास्ते पर ही 108 एंबुलेंस में डिलीवरी कराई. इनकी कोशिश और हिम्मत रंग लाई और महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया.

शेरों के बीच बच्चे का जन्म
गोपी घांघर
  • अहमदाबाद,
  • 21 मई 2020,
  • अपडेटेड 5:53 PM IST

  • घंटों तक एंबुलेंस का रास्ता रोके खड़े रहे शेर
  • एंबुलेंस में ही प्रसूता ने दिया बच्ची को जन्म

गुजरात से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है जिसमें एक प्रसूता महिला को कई बब्बर शेरों के बीच अपने बच्चे को जन्म देना पड़ा. यह हैरतअंगेज घटना गढड़ा के भाका गांव की है.

दरअसल, 20 मई की रात लगभग 10. 20 बजे गढड़ा के भाखा गांव की अफसाना सबरिश रफीक को अचानक लेबर पेन शुरू हुआ. यह महिला प्रसूति के दर्द से बेहाल थी. घरवालों ने उसकी नाजुक हालत देख कर फौरन 108 पर फोन किया और एंबुलेंस बुलाई. जैसे ही एंबुलेंस महिला को लेकर अस्पताल के लिए निकली तो गांव से दूर गिर गढड़ा से उना के रास्ते में रसुलपरा गांव के नजदीक 4 बब्बर शेरों ने गाड़ी का रास्ता रोक लिया.

एंबुलेंस का रास्ता रोके खड़े शेर

इन शेरों की मंशा देख कर ऐसा लगता था जैसे एंबुलेंस का रास्ता रोक कर खड़े हों. गाड़ी से निकल कर इन शेरों को हटाने की किसी को हिम्मत नहीं हुई क्योंकि ये झुंड में थे और देर रात का समय था. लिहाजा खतरा ज्यादा था, उधर महिला दर्द से बेहाल थी जिसे जल्दी अस्पताल पहुंचाना जरूरी था. कुछ देर बाद ईएमटी जगदीश मकवाना और पायलट भरत अहीर ने हिम्मत से स्थिति को संभाला. दोनों ने मिलकर रास्ते पर ही 108 एंबुलेंस में डिलीवरी कराई. इनकी कोशिश और हिम्मत रंग लाई और महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया.

ताज्जुब की बात यह रही कि इस पूरे वाकये के दौरान शेर गाड़ी का रास्ता रोके वहीं खड़े रहे. चारों शेर गाड़ी के आसपास चक्कर लगाते रहे. आखिर 20 मिनट के बाद जब बच्ची का जन्म हो गया तब शेरों ने रास्ता छोड़ा. इसके तुरंत बाद एंबुलेंस के दोनों स्टाफ ने मां और बच्ची को गिर गढड़ा के अस्पताल पहुंचाया. यह पूरी घटना रसूलपुरा गांव के सिम की है.

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