15 साल से जान हथेली पर रखकर मेडिकल सुविधा मुहैया करा रही ये 55 साल की महिला

पहाड़ी पर बसे ग्रामीणों का कहना है की महुआ बथान पहुंचने के लिए 6 किलोमीटर की घनघोर जंगल और कठिन पहाड़ी चढ़ कर पहुंचना पड़ता है. जिसमें जंगली जानवरों का भी हमेशा खतरा बना रहता है. ऐसे में ANM मगदली तिर्की लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का काम कर रही हैं.

छत्तीसगढ़ के लिए मिसाल बन रहीं मगदली तिर्की
aajtak.in
  • सरगुजा,
  • 14 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 9:36 PM IST

  • 55 वर्षीय एक महिला स्वास्थकर्मी हैं मगदली तिर्की
  • कठिन पहाड़ी सफर तय कर देती हैं मेडिकल सुविधा

छत्तीसगढ़ में बीहड़ और काफी पिछड़े इलाके में तैनात शासकीय कर्मचारियों के काम में लापरवाही की खबरें तो आपने बहुत देखी और सुनी होगीं. लेकिन हम आपको सरगुजा जिले में तैनात 55 वर्षीय एक ऐसी महिला स्वास्थ्यकर्मी मगदली तिर्की के बारे में बताने जा रहे हैं जोकि 15 सालों से ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों में 6 किलोमीटर पैदल चलकर तमाम मुश्किलें और जंगली जानवरों के बीच ग्रामीणों को 'संजीवनी' पहुंचाने का काम कर रही हैं. वह सरगुजा जिले ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मिसाल बन गईं हैं.

दरअसल, ये मामला सरगुजा जिले में सीतापुर ब्लॉक के सूर गांव में पहाड़ी पर बसी महुआ बथान एक छोटी सी बस्ती का है. जिसमें लगभग 50 से 55 कोरवा परिवार रहते हैं. इस पहाड़ पर जाने के लिए न तो कोई रास्ता है और न ही कोई साधन. पहाड़ी पर बसे ग्रामीणों का कहना है कि महुआ बथान पहुंचने के लिए 6 किलोमीटर की घनघोर जंगल और कठिन पहाड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है. जिसमें जंगली जानवरों का भी हमेशा खतरा बना रहता है.

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ऐसे में इन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा देने का जज्बा ही कहेंगे जिससे ANM मगदली तिर्की इन सभी खतरों के बीच सप्ताह में दो दिन 6 किलोमीटर की लंबी चढ़ाई चढ़कर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचा रहीं हैं. इनके जज्बे को देखकर वहां के ग्रामीण भी काफी खुश नजर आ रहे हैं.

वहीं, एएनएम (ANM) मगदली तिर्की सुर उप स्वास्थ्य केंद्र से हर मौसम में सप्ताह में दो दिन हर मंगलवार और गुरुवार को सुबह 8 बजे अपने सहयोगी साथी आरएचओ सुनील दास के साथ रवाना होती हैं. दुर्गम पहाड़ियों के रास्ते चढ़कर महुआ बथान पहुंचती हैं. जिसके बाद वह वहां के ग्रामीणों का रूटीन चेकअप कर जरूरी मेडिकल सुविधा मुहैया कराती हैं. साथ ही साथ मौसमी बीमारी बुखार, उलटी, दस्त जैसी बीमारियों से बचने के लिए जागरूक करती हैं. ANM कहती हैं कि विगत 15 सालों से हर मौसम में अनवरत महुआ बथान पहुंचकर यहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे रही हूं.

वहीं, जिले के कलेक्टर संजीव कुमार झा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता एएनएम मगदली तिर्की के कार्यों की तारीफ करते नहीं थक रहे. उनका कहना है कि सीतापुर ब्लॉक में कई ऐसे पहुंच विहीन क्षेत्र हैं जहां के पदस्थ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए ANM मगदली तिर्की प्रेरणाश्रोत हैं.

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कलेक्टर संजीव कुमार झा का कहना है कि मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए प्रशासन की ओर से गांव-गांव में रूटीन चेकअप का अभियान चलाया जा रहा है. सरकार के इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिस तरह से ANM मगदली तिर्की ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों का सफर पैदल तय करती हैं. वह तमाम मुश्किलें उठाकर भी ग्रामीणों को 'संजीवनी' पहुंचाने का काम कर रही हैं.

इनसे उन तमाम स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रेरणा लेने की जरूरत है जो अपने कर्तव्य से भागते हैं. बहरहाल, 55 वर्षीय ANM मगदली तिर्की के जज्बे को सलाम जो ईमानदारी अपने कर्तव्य का पालन कर रही हैं.

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