पुरानी पेंशन बहाली के लिए दिल्ली में 9 नवंबर से पेंशन सत्याग्रह

दिल्ली चुनावों से ठीक पहले पुरानी पेंशन बहाली की मांग फिर जोर पकड़ रही है. सरकार का दबाव बनाने के लिए सरकारी कर्मचारी 9 नवंबर से दिल्ली में पेंशन सत्याग्रह की तैयारी कर रहे हैं. 

फोटो सौजन्यः इंडिया टुडे
शुभम शंखधर
  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

दिल्ली चुनावों से ठीक पहले पुरानी पेंशन बहाली की मांग फिर जोर पकड़ रही है. सरकार का दबाव बनाने के लिए सरकारी कर्मचारी 9 नवंबर से दिल्ली में पेंशन सत्याग्रह की तैयारी कर रहे हैं. नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मंजीत सिंह पटेल कहते हैं, ‘’9 नवंबर से दिल्ली में पेंशन सत्याग्रह की शुरू होगी. लंबे समय से हमारी मांग सरकार से पुरानी गारंटीड पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की है.’’ इस पेंशन सत्याग्रह में मध्यप्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के हजारों कर्मचारी शामिल होने जा रहे हैं. 

मंजीत आगे कहते हैं, ‘’ जब एक विधायक, सांसद, मंत्री, हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जज, आयोगों के सदस्यों को सरकार आज भी पुरानी गारन्टीड पेंशन दे रही है जो अल्पकालिक सेवा के लिए आते हैं तो देश के लिए शहीद होने वाले अर्धसैनिक बलों और 30 – 35 साल तक सेवा करने वाले सरकारी कर्मचारियों को क्यों नहीं?" गौरतलब है कि 01 जनवरी, 2004 से केंद्र सरकार और उसके बाद अन्य राज्यों (पश्चिम बंगाल को छोड़कर) ने सरकारी कर्मचारियों के लिये पुरानी गारंटीड पेंशन व्यवस्था को खत्म कर शेयर बाजार पर आधारित न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) की शुरुआत की थी.

नई पेंशन व्यवस्था का विरोध करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि आज 15 साल बीत जाने के बावजूद एनपीएस कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति होने पर न तो सामाजिक सुरक्षा की गारन्टी तय हो पायी है जबकि प्रत्येक कर्मचारी के वेतन का 24% (10%कर्मचारी+14%सरकार) हर महीने पेंशन के नाम पर कंपनियों मे निवेशित किया जा रहा है और न ही सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मृत्यु हो जाने पर पारिवारिक पेंशन की उपयुक्त व्यवस्था ही की गयी है. 

चुनाव के दौरान पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा मांग पकड़ता है और राजनैतिक दल भी वादे करने से नहीं चूकते. 

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