यूपी की जेलों में कोरोना का अटैक

यूपी की जेलों में सलाखों के पीछे रहने वाले बंदियों पर कोरोना संक्रमण के अटैक ने हड़कंप मचा दिया है.

केंद्रीय कारागार, आगरा
आशीष मिश्र
  • लखनऊ,
  • 20 मई 2020,
  • अपडेटेड 12:17 PM IST

यूपी की जेलों में सलाखों के पीछे रहने वाले बंदियों पर कोरोना संक्रमण के अटैक ने हड़कंप मचा दिया है. आगरा की सेंट्रल जेल में बंदी एक सजायाफ्ता कैदी के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद अब जिला जेल में तीन बंदियों की रिपोर्ट मंगलवार को पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है. तीनों संक्रमित बंदियों को शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जेल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरौली अहीर में क्वारंटीन कराया है. इनके संपर्क वाले 28 बंदियों को आइसोलेट कर दिया गया है. इससे पहले मेरठ के कंकड़खेड़ा हवालात में बंद दो आरोपियों में भी कोरोना की पुष्टि हुई है. दोनों आरोपियों को गो-तस्करी की शिकायत पर गिरफ्तार कर अस्थाई जेल में बंद किया गया था.

जेलों में जबकि मुलाकात बंद है. लॉकडाउन की हालत में बंदी भी जेल के बाहर पेशी में नहीं जा रहे हैं, इसके बावजूद इनके कोरोना पॉजिटिव निकलने पर जेल प्रशासन सकते में है. पुलिस महानिदेशक जेल आनंद कुमार ने जेलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद एक जांच कमेटी घोषित की थी. इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट आनंद को दे दी है. इसके अनुसार, जेल के भीतर कोरोना का अटैक होने के पीछे राशन सप्लाई जिम्मेदार है. इसके बाद से आनंद कुमार ने सभी जेलों को एक गाइडलाइन जारी कर राशन और दूध के पैकेट को विसंक्रमित करने के तौर तरीकों की जानकारी दी है.

सूबे की जेलों में कैदियों के संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए लखनऊ जिला जेल ने नए कैदियों को लेने से मना कर दिया है. जेल के बाहर नो एंट्री का बोर्ड लगा दिया है. जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि कोरोना संक्रमण के चलते किसी भी नए अपराधी को जेल में नहीं लिया जाएगा. पुलिस इन्हें अस्थायी जेल में आमद कराये. मौजूदा समय में जिला जेल लखनऊ में तीन हज़ार से अधिक कैदी हैं.

वरिष्ठ अधीक्षक प्रेमनाथ पांडेय बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के चलते जेल में नए कैदियों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. नये कैदी अस्थायी जेल में रखे जाएंगे. वहां 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद इन कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा. उसके बाद ही इन्हें जिला जेल में लिया जाएगा. उधर,शासन ने आदेश में कहा है कि जिस जिले में 20 या इससे अधिक संक्रमित मरीज हैं, वहां अस्थायी जेल बनाकर के नए कैदियों को रखें.

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