लोकपाल की मांग और किसानों की समस्याओं को लेकर अन्ना करेंगे आमरण अनशन

अन्ना हजारे ने कहा, अगर लोकपाल की नियुक्ति हो गई होती तो न होता राफेल घोटाला.

कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में अन्ना हजारे और किसान नेता
संध्या द्विवेदी/मंजीत ठाकुर
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  • 21 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 9:31 PM IST

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनांदोलन की नींव रखने वाले अन्ना हजारे एक बार फिर आमरण अनशन करेंगे. हालांकि इस बार अन्ना दिल्ली नहीं आएंगे. अपने गृह निवास महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में ही वे आमरण अनशन करेंगे.अबकी अन्ना हजारे के साथ कंधे से कंधा मिलाने को तैयार है राष्ट्रीय किसान महासंघ. 30 जनवरी से लोकपाल/लोकायुक्त की नियुक्ति और किसानों की मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन होगा.21 जनवरी को कॉस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेता शिव कुमार कक्काजी, लक्ष्मण वंगे और जे.के. पटेल ने भी हिस्सेदारी निभाई. इस मौके पर देश के मशहूर समाजसेवी अन्ना आंदोलन ने राफेल मसले पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा, अगर लोकपाल की नियुक्ति हो गई होती तो राफेल घोटाला होता ही नहीं.

ये हैं किसानों की मांगे-

1-किसानों को स्वामीनाथन आयोग के अनुसार उनकी फसल की लागत के आधार पर डेढ़ गुना लाभगारी मूल्य सी टू+पचास फीसदी के हिसाब से भुगतान किया जाए. इसके अलावा किसानों की सभी फसलों की क्रय गारंटी का कानून बनाया जाए.

2-किसानों को पूर्ण कर्जमुक्त किया जाए.

3-फल, सब्जी और दूध का एमएसपी तय हो.

4-देश के किसानों की न्यूनतम आए सुनिश्चित की जाए.

5-किसानों को पेंशन दी जाए.

भ्रष्टाचार रोकने के लिए लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग

-देश के मशहूर समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा अगर लोकपाल की नियुक्ती हो चुकी होती तो राफेल घोटाला नहीं होता. इसलिए कम से कम अब तो जल्द से जल्द केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति होनी चाहिए.

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