जोश और जज्बे का जलसा

इंडिया टुडे का सालाना आयोजन माइंड रॉक्स महामारी के खौफ और खतरे की वजह से भले ही इस बार वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर हुआ हो लेकिन इसमें होने वाली बातचीत की जीवंतता और पूरे आयोजन में जोश पहले की तरह बरकरार था

विक्रम शर्मा
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 1:36 PM IST

''भारत 2028 तक ओलंपिक मेडल की टॉप टेन की टेबल में होगा. हम उभरती प्रतिभाओं की पहचान कर रहे हैं और उनकी पूरी जिम्मेदारी लेते हुए विश्वस्तरीय प्रशिक्षक लाकर उनके प्रशिक्षण का पूरा इंतजाम कर रहे हैं.''

किरण रिजिजू, खेल और युवा मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री

''फिल्म इंडस्ट्री बदल रही है पर इसके साथ दर्शकों का नजरिया और मीडिया को भी बदलना चाहिए. जिस तरह का प्रचार ऐक्टर्स की संतानों को मिलता है, हमें नहीं मिल पाता.''

सान्या मल्होत्रा, अभिनेत्री

''ट्विटर छोडऩे के बाद से मैं बहुत खुश हूं. ये चीजें कैसे आपकी छीछालेदर करके रख देती हैं और आपको इसका अंदाजा तक नहीं हो पाता. हैरत वाली बात है.''

सोनाक्षी सिन्हा, अभिनेत्री

''प्रवासी मजदूरों की परेशानियों वाली खबरें देखने और सुनने के बाद मैंने यह सोचकर बाहर निकलने का फैसला किया कि जो मैं देखना चाहता था, उस भूमिका में मैं अब खुद क्यों न उतर जाऊं.''

सोनू सूद, अभिनेता

''मेरा मानना है कि सिर्फ जमीन पर काम करने से ही हालात बदलते हैं—चाहे लंगर में सेवा करने की बात हो या फिर अपने समाज में सफाई करने की.''

रणदीप हुड्डा, अभिनेता

''टिकटॉक को रोजी-रोटी के नजरिए से देखने वालों से इतना ही कहूंगी कि टैलेंट ऐप का मोहताज नहीं होता. आपमें टैलेंट है तो आप किसी भी प्लेटफॉर्म पर इसे दिखा सकते हैं.''

कुशा कपिला, डिजिटल क्रिएटर

''(सुशांत सिंह राजपूत की मौत के लिए) अगर इंडस्ट्री जिम्मेदार है तो थोड़ा दोष दर्शकों पर भी आएगा...मुझे नहीं लगता, उनके रहते हुए लोगों ने कभी इस तरह से खुलकर उनकी तारीफ की.''

भुवन बम, यूट्यूबर

''ओटीटी के आने से अब कंटेंट तक सबकी बराबर पहुंच हो गई है. अब किसी की तुलना का एक ही रास्ता है, या तो आप कंटेंट की बिना पर करें या फिर उसकी परफॉर्मेंस के आधार पर.''

मानवी गागरू, अभिनेत्री

''बहुत सारे पैरेंट्स से मैं कहता हूं कि उनके बच्चे को खेल क्यों खेलना चाहिए. इससे आपकी एकाग्रता बढ़ती है, जो कि फिर पढऩे में भी काम आती है. बच्चा थककर शांत होता है तो नींद गहरी आती है. यह दबाव से निबटना सिखाता है और इम्तहान में इसी की जरूरत होती है.''

राहुल बोस, अभिनेता और परोपकारी

''फिल्म इंडस्ट्री में एक जो बहुत मार्के की बात मैंने सीखी वह यह कि आप भले सबसे प्रतिभावान हों, सबसे कड़ी मेहनत करने वाले हों, पर इंडस्ट्री आपसे अपेक्षा करती है कि दर्शकों में भी आपकी उतनी ही पैठ हो.''

जैकलीन फर्नांडीस, अभिनेत्री

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