कितने काम का कवच

कोरोना को देखते हुए बीमा कंपनियों ने खासकर इस बीमारी के लिए छोटी अवधि की बीमा पॉलिसी लॉन्च की हैं. लेकिन इन पॉलिसी को लेने से पहले इन्हें अच्छी तरह समझ लें

इलस्ट्रेशनः चंद्र मोहन ज्योति
शुभम शंखधर
  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 8:10 PM IST

आगरा में रहने वाले 33 वर्षीय मयूर कुमार फोन पर अपने वित्तीय सलाहकार से राय-मशविरा कर रहे हैं. वे असल में जानना चाहते हैं कि अगर पहले से साधारण स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ले रखी है तो क्या इसके बाद भी कोरोना कवच पॉलिसी लेना समझदारी है? उनकी यह भी जिज्ञासा है कि कोरोना के लिए विशेष तौर पर लाई गई बीमा पॉलिसी में आखिर क्या खास है? मयूर ही क्यों, इन दिनों ऐसे तमाम लोग ऐसी ही उलझनों को सुलझाने की कोशिश रहे हैं, जो कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के चलते चिंतित हैं. यह चिंता स्वास्थ्य की तो है ही, साथ ही कोरोना के इलाज में आ रहे खर्च और माली हालत की भी है. इसी के मद्देनजर भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के निर्देश के बाद विभिन्न बीमा कंपनियों ने 'कोरोना कवच' और 'कोरोना रक्षक' नाम से छोटी अवधि की बीमा पॉलिसी लॉन्च की हैं.

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर जितेंद्र सोलंकी अपने एक क्लाइंट का वाकया सुनाते हुए कहते हैं, ''सामान्य बीमा योजनाओं में कोरोना संबंधी अस्पताल में भर्ती होने का खर्च तो शामिल है पर क्लेम में कुछ शर्तें जुड़ी हो सकती हैं. ऐसे में सामान्य बीमा पॉलिसी में कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां क्लेम 50 फीसद ही मिल रहा और बाकी भुगतान का बोझ मरीज को उठाना पड़ रहा है.'' ऐसी स्थिति में कोरोना कवच पॉलिसी आपकी मदद कर सकता है. कई ऐसे लोग भी हैं जिनके पास कोई स्वास्थ्य बीमा नहीं है, या है भी तो उसका कवर मौजूदा हालात को देखते हुए पर्याप्त नहीं है. उनके लिए भी यह पॉलिसी मददगार होगी.

सोलंकी अपनी बात को थोड़ा और स्पष्ट करते हैं, ''नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने का मतलब है लंबी प्रतीक्षा अवधि. ऐसे में कोरोना पॉलिसी खरीदना उपयोगी साबित हो सकता है क्योंकि यहां वेटिंग पीरियड 15 दिन का ही है. ये पॉलिसी खास कोरोना को देखते हुए तैयार की गई हैं, इसलिए इसमें तमाम खर्च शामिल भी हैं.''

रोज बदलती परिस्थितियों के चलते इन बीमा पॉलिसियों में लगातार बदलाव हो रहे हैं. ऐसे में अगर आप इनमें से किसी पॉलिसी को लेने का मन बना रहे हैं तो इससे जुड़े पॉलिसी डॉक्युमेंट को गौर से पढ़ें और अपने फाइनेंशियल प्लानर की सलाह जरूर लें.

पॉलिसी की खासियत

कोरोना कवच और रक्षक, ये दोनों ही पॉलिसी साढ़े तीन महीने, साढ़े छह महीने और साढ़े नौ महीने के लिए उपलब्ध हैं. इन दोनों में अंतर यह है कि कोरोना कवच एक क्षतिपूर्ति की पॉलिसी है, जबकि 'कोरोना रक्षक' लाभ आधारित योजना है.

कवच के तहत अस्पताल में भर्ती होने पर खर्च की भरपाई बीमित राशि तक सीमित होगी, जबकि रक्षक पॉलिसी में कोरोना पॉजिटिव के उपचार के लिए एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाएगा. कवच व्यक्तिगत और फैमिली फ्लोटर पॉलिसी है, लेकिन रक्षक केवल व्यक्तिगत योजना के रूप में उपलब्ध है. इन दोनों में 15 दिन की प्रतीक्षा अवधि है. यानी पॉलिसी खरीदने के 15 दिन बीत जाने के बाद ही क्लेम किया जा सकता है. ये स्टैंडर्ड पॉलिसी हैं तो इनमें नियम-शर्तें, बीमारी के इलाज के लिए तय किए गए खर्च आदि चीजें सभी कंपनियों की पॉलिसी में एक जैसी होंगी.

Read more!

RECOMMENDED