तापसी पन्नू-मोर्चे पर एक कदम आगे

तापसी पन्नू ने अपने दमदार अभिनय से साबित कर दिया है कि अगर ऐक्टिंग आती है तो गॉडफादर की जरूरत नहीं

तापसी पन्नू
नवीन कुमार
  • मुबंई,
  • 02 मई 2019,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

तापसी पन्नू ने अपने दमदार अभिनय से साबित कर दिया है कि अगर ऐक्टिंग आती है तो गॉडफादर की जरूरत नहीं. और नेपोटिज्म भी मंजिल तक पहुंचने में बाधक नहीं हो सकता. मिस्ट्री थ्रिलर में उन्होंने नैना सेठी के रोल से दर्शकों का दिल जीत लिया है. महज 20 करोड़ रु. की लागत से बनी इस फिल्म ने अब तक 150 करोड़ रु. की कमाई कर ली है. छह साल के करियर में उनकी 12 हिंदी फिल्मों में से नौ ने बजट से कई गुना कमाई की है. लीक से हटकर फिल्मों में काम करके वे ऐक्टिंग का जैसे पावरहाउस बन गई हैं. पर उनका मकसद और है, ''अभी ऐक्टर के नाम पर किसी फिल्म को थिएटर मिलता है. मैं चाहती हूं कि ऐक्ट्रेस के नाम पर भी थिएटर मिले."

भारतीय मुसलमानों की स्थिति को दर्शाने वाली फिल्म मुल्क के निर्देशक अनुभव सिन्हा का मानना है कि दिल्ली से आई इस 31 वर्षीया ऐक्ट्रेस में ''ऐक्टिंग का नशा है. और उनके पास अभिनय की लंबी रेंज है." सिन्हा सामाजिक मुद्दों पर तापसी के साथ एक और फिल्म बनाने जा रहे हैं. पर मनमर्जिया में उन्हें निर्देशित करने वाले अनुराग कश्यप अब उनको लेकर सांड की आंख फिल्म बना रहे हैं.

यह फिल्म भारत की दो शार्पशूटर महिलाओं की जिंदगी पर है जिसमें तापसी प्रकाशी तोमर का रोल कर रही हैं. इसके लिए पिस्तौल चलाना सीखा है. बकौल अनुराग, ''तापसी न सिर्फ बेहतरीन अदाकारा हैं बल्कि उनमें एक ईमानदार और ऑनेस्ट पर्सनालिटी भी है." वैसे, तापसी भी अनुराग को बेहतरीन दोस्त मानती हैं और उनसे दिल खोलकर बात करती हैं. बेबी में तापसी को अक्षय कुमार के साथ काम का मौका मिला. इस साल वे अक्षय के साथ मिशन मंगल कर रही हैं. यह भारत की पहली स्पेस फिल्म मानी जा रही है.

तापसी मानती हैं कि ज्वलंत मुद्दों पर समाज का ध्यान खींचने का माध्यम है सिनेमा. पिंक और मुल्क में यही प्रयास था. तापसी कहती हैं कि दर्शकों ने उन पर विश्वास जताया है और अब वे अपने काम से उसे कायम रखने की कोशिश कर रही हैं.

***

Read more!

RECOMMENDED