सिनेमा-बॉलीवुड के उभरते स्टार

तीन युवा अभिनेताओं ने बॉलीवुड में दबदबा रखने वाले दिग्गजों को चुनौती दे डाली है

बंदीप सिंह
सुहानी सिंह/संध्या द्विवेदी/मंजीत ठाकुर
  • मुबंई,दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 3:23 PM IST

सलमान 'भाई' खान की इस साल रिलीज होने जा रही होम प्रोडक्शन फिल्म भारत के लिए एक बड़ी चुनौती होगी—2019 की फिल्म उड़ी-द सर्जिकल स्ट्राइक की 245 करोड़ रु. की कमाई को पीछे छोड़ देना. यह इस साल अब तक सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही है. भले ही सलमान का बड़ा दर्शक वर्ग है और भारत ईद पर रिलीज होने जा रही है, फिर भी केवल 28 करोड़ रु. में बनी उड़ी के सामने वास्तविक कमाई के नजरिए से यह बौनी साबित हो सकती है. उड़ी अभिनेता विकी कौशल के लिए मुक्चय भूमिका वाली पहली फिल्म थी जिसने 100 करोड़ रु. से ज्यादा की कमाई की.

उड़ी की सफलता 2018 की कुछ अन्य फिल्मों की तरह अप्रत्याशित और चैंकाने वाली थी जैसे सोनू के टीटू की स्वीटी (एसकेटीकेएस), स्त्री और बधाई हो, जिन्होंने 100 करोड़ रु. से ज्यादा की कमाई की थी. इन सभी फिल्मों में कुछ बातें समान थीं—छोटा बजट, भोले-भाले पात्र, और बॉलीवुड के बड़े सितारों की अनुपस्थिति. इन फिल्मों ने नए सितारों की बिरादरी के उत्थान की शुरुआत की है.

एसकेटीकेएस में कार्तिक आर्यन का अभिनय बहुत शानदार रहा. इसमें उन्होंने अपने बचपन के दोस्त की प्रेमिका को लेकर शंका जताने वाले एक युवक की भूमिका की थी. बधाई हो में आयुष्मान खुराना ने अपने माता-पिता से शर्मसार एक पुत्र की भूमिका इतनी शिद्दत से निभाई कि आज वे फिल्म उद्योग के चहेते कलाकार बन गए हैं. उड़ी से पहले विकी कौशल ने फिल्म संजू में संजय दत्त की भूमिका निभाने वाले रणबीर कपूर के दोस्त की भूमिका में जान डाल दी थी. इस फिल्म में उनके काम को बहुत सराहा गया था.

छोटे बजट की इन फिल्मों की सफलता के कारण स्टूडियो और प्रोडक्शन हाउस इन युवा कलाकारों पर भरोसा जताने लगे हैं. विकी कौशल की मांग एकाएक बढ़ गई है, आर्यन लुका-छिपी के साथ युवाओं के चहेते बन गए हैं. यह लिव-इन संबंधों पर आधारित एक कॉमेडी फिल्म है जिसने अब तक 80 करोड़ रु. की कमाई कर ली है.

खुराना अब दो अन्य फिल्मों पर काम कर रहे हैं. उनके पास रणबीर कपूर और रणवीर सिंह के बराबर सोशल मीडिया और पैसों की ताकत भले नहीं है लेकिन बॉलीवुड के बड़े सितारों की बिरादरी को अब वे तगड़ी चुनौती दे रहे हैं.

कार्तिक आर्यन अब युवाओं में लोकप्रिय होते जा रहे हैं. प्यार का पंचनामा में युवा दर्शकों ने उनके अभिनय को बहुत पसंद किया था. ग्वालियर के इस 28 वर्षीय अभिनेता के लिए कामयाबी आसान नहीं रही जिन्होंने फिल्म उद्योग में पहले पांच साल निर्माताओं से पैसों के बारे में कोई बात नहीं की. वे कहते हैं, ''पैसों को लेकर कोई बात नहीं होती थी. मेरे लिए यही बहुत था कि काम करने का मौका मिल जाए.

इन सात वर्षों में मैंने सफलता और असफलता दोनों का स्वाद चखा है." उन्हें साधारण पृष्ठभूमि से आकर फिल्म उद्योग पर छा जाने वाले शाहरुख खान जैसे अभिनेता बहुत प्रेरणा देते हैं. वे कहते हैं, ''शाहरुख सर बड़ा सपना देखने वाले मेरे जैसे युवा अभिनेता के लिए बहुत बड़ा उदाहरण हैं." आर्यन जिस तरह कुछ बड़ी फिल्मों में काम कर रहे हैं, उसे देखते हुए साफ है कि वे भी कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं. पत्रकार उनके हर काम पर नजर रख रहे हैं और सारा अली खान जैसी अभिनेत्रियों की नई नस्ल उनके साथ काम करने को उत्सुक रहती है.

आर्यन आजकल हर कहीं नजर आ रहे हैं; मनीष मल्होत्रा के लिए करीना कपूर खान के साथ वे रैंप पर चल रहे हैं तो कहीं अवार्ड शो का संचालन कर रहे हैं. वे कॉफी विद करन के ताजा संस्करण में भी दिखाई दिए. वे कहते हैं, ''मैंने बहुत धैर्य के साथ इंतजार किया और अब ऐसी स्थिति हासिल करना चाहता हूं जहां पसंद की अच्छी कहानी का चुनाव कर सकूं." अब वे थ्रिलर और 'गंभीर' कहानियों पर काम करना चाहते हैं. स्त्री और लुका-छिपी के निर्माता दिनेश विजान कहते हैं कि आर्यन के व्यक्तित्व में एक सच्चा आकर्षण है जो परदे पर छा जाता है. वे कहते हैं, ''लड़कियां उन्हें अपने घर ले जाना चाहती हैं, महिलाओं को उनमें किसी बच्चे जैसी मासूमियत नजर आती है और युवा उनके जैसा दोस्त बनना चाहते हैं." विजान फिलहाल लव आजकल के सीक्वेल में उन्हें लेने की बात सोच रहे हैं. उनका कहना है, ''बहुत समय बाद हमारे पास कोई ऐसा अभिनेता है जो प्रेमी लड़के की भूमिका इतनी अच्छी तरह कर सकता है."

ऐक्शन का अवतार

उड़ीः द सर्जिकल स्ट्राइक से पहले विकी कौशल को छोटी फिल्मों (मसान और लव पर स्क्वायर फुट) में मुख्य भूमिका निभाने वाले और सहायक कलाकार (राजी और संजू) के रूप में जाना जाता था. पिछले साल आई राजी की निर्देशक मेघना गुलजार कहती हैं, ''विकी अच्छे अभिनेता हैं. सौभाग्य से उनके लिए फिल्म के मुख्य पुरुष और महिला कलाकार के बीच संतुलन का होना महत्वपूर्ण नहीं था. वे कहती हैं, ''यह ऐसी कहानी थी और उनके चरित्र का ग्राफ ही उनके लिए मायने रखता था." 2018 का साल इस कलाकार के लिए बड़ी सफलता लेकर आया. इस साल उनकी चार फिल्में रिलीज हुईं जिनमें संजू भी शामिल थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 334 करोड़ रु. की कमाई की थी.

अपनी पहली ऐक्शन फिल्म उड़ी के बाद वे बड़े सितारों की श्रेणी में आ गए हैं जो उनके ऐक्शन निर्देशक पिता शाम कौशल के लिए बेहद खुशी की बात है. उनकी अगली फिल्म तख्त में वे पहली बार नकारात्मक भूमिका में दिखाई देंगे. करण जौहर की इस फिल्म में वे सम्राट औरंगजेब की भूमिका कर रहे हैं. कौशल कहते हैं, ''यह बहुत बड़ी भूमिका साबित होगी क्योंकि इसके लिए काफी मानसिक और शारीरिक तैयारी की जरूरत होगी. मैं उस चरित्र को पूरी तरह डूबकर निभाने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं. हम अभिनेता तो ऐसी ही भूमिकाएं करने के लिए जीते हैं."

वे शहीद उधम सिंह के जीवन पर आधारित शूजित सरकार की फिल्म में भी दिखाई देंगे. पिता के फिल्मों से जुड़े होने के बावजूद उनके घर में फिल्मों की बात नहीं होती थी. कौशल याद करते हुए बताते हैं, ''मैं पहली बार शूटिंग के समय जिस फिल्म के सेट पर गया था, वह फिजा थी. कहो ना ... प्यार है के बाद मैं ह्रितिक रोशन का बहुत बड़ा प्रशंसक था, और आज भी हूं." कौशल इस बात को लेकर दृढ़ हैं कि सफलता के बाद वे कभी भी अपने शुरुआती निर्देशकों के साथ मौका मिलने पर काम करने से मना नहीं करेंगे. वे कहते हैं, ''मुझे लगता है कि कहानी ही फिल्म की असली जान होती है. अगर कहानी अच्छी हुई तो फिल्म से जुड़ी सारी चीजें काम कर जाती हैं...यह 10 करोड़ रु. में बनती है या 100 करोड़ रु. में, यह कहानी की मांग पर निर्भर है."

34 वर्षीय आयुष्मान खुराना फिल्म उद्योग का नया सितारा है जो 'कहानी' को अहमियत देता है. फिल्म अंधाधुंध के प्रमोशन के दौरान उन्होंने इंडिया टुडे को बताया, ''ज्यादातर अभिनेता आत्ममोह से ग्रस्त होते हैं. वे सोचते हैं, मैं अलग दिखूं...लेकिन कोई भी आपको नहीं देखना चाहता, सब कहानी देखते हैं. कहानी में नयापन होना चाहिए."

खुराना जानते हैं कि उनकी ताकत आम जीवन से जुड़ी कहानी के पात्रों को निभाने में निहित है. दम लगा के हईशा (डीएलकेएच), बरेली की बर्फी, शुभ मंगल सावधान और अभी हाल में आई बधाई हो जैसी रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों की सफलता इस बात का सबूत है कि खुराना पड़ोस के लड़के की भूमिका निभाने में माहिर हैं. वे कहते हैं, ''पहले खुद को स्थापित करना पड़ता है, उसके बाद ही आप लीक से हटकर कोई फिल्म कर सकते हैं. अगर आप हर फिल्म में कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं तो आप चुक जाएंगे. खुराना के करियर में कुछ अलग तरह की फिल्म श्रीराम राघवन की अंधाधुंध रही जिसमें उन्होंने एक अंधे पियानो वादक की भूमिका की है.

खुराना ने 2006 में रेडियो प्रेजेंटर के रूप में शुरुआत की थी और आगे चलकर वे वीडियो जॉकी बन गए. गायकी उनके डीएनए का हिस्सा थी. लेखक-निर्देशक शरत कटारिया को लगता है कि माइक्रोफोन के पीछे खड़ा होने का उनका अनुभव परदे पर काम आता है. वे कहते हैं, ''वे अपनी आवाज में जरूरत के हिसाब से फेरबदल कर लेते हैं. डीएलकेएच के लिए आवाज देते समय उन्होंने अपनी आवाज बदल दी थी लेकिन वह कहीं से भी बनावटी नहीं लग रही थी." उनका कहना है कि आयुष्मान खुराना में, अंदर से महसूस की जाने वाली आंतरिक और बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने वाली बाह्य दोनों ही स्थितियों के अनुकूल अभिनय करने की क्षमता है."

खुराना अपनी पहली फीचर फिल्म सरकार की विकी डोनर में अपनी इस क्षमता का प्रदर्शन कर चुके हैं. इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे युवक की भूमिका की थी जो शुक्राणु दान करके आजीविका चलाता है. वे सोशल मीडिया पर कविता और संगीत में भी अपनी पहुंच से परिचित कराते हैं. वे कहते हैं, ''मैंने शुरुआत परंपरा से हटकर एक फिल्म से की थी. मैं उस जगह को अपने लिए सुरक्षित रखना चाहता हूं. अगर हर कोई पारंपरिक और कॉमर्शियल हीरो बनना चाहेगा तो इस नई पीढ़ी के लिए भला अमोल पालेकर या फारूक शेख कौन बनेगा."

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