हिट एंड रन: जल्द आएगा सलमान पर फैसला, हाई कोर्ट ने लिखवाना किया शुरू

बंबई उच्च न्यायालय ने अभिनेता सलमान खान के 2002 के हिट-एंड-रन मामले में सोमवार को अपना फैसला लिखवाना शुरू किया और कहा कि प्राथमिकी अभिनेता के नशे में होने के बारे में चुप है जबकि इसे मामूली बात नहीं समझा जा सकता.

सलमान खान
दीपिका शर्मा/BHASHA
  • मुंबई,
  • 07 दिसंबर 2015,
  • अपडेटेड 12:53 PM IST

बंबई उच्च न्यायालय ने अभिनेता सलमान खान के 2002 के हिट-एंड-रन मामले में सोमवार को अपना फैसला लिखवाना शुरू किया और कहा कि प्राथमिकी अभिनेता के नशे में होने के बारे में चुप है जबकि इसे मामूली बात नहीं समझा जा सकता.

न्यायमूर्ति ए आर जोशी ने फैसला लिखाने के दौरान खुली अदालत में कहा, 'प्राथमिकी अपीलकर्ता के नशे में होने की बात पर चुप है. गवाह की यह चूक मामूली नहीं समझी जा सकती.' न्यायमूर्ति जोशी ने कहा, 'सलमान खान के नशे में होने के मुद्दे का आलोचनात्मक ढंग से परीक्षण किया जाना है क्योंकि इस घटना में घायल लोगों की गवाही छोटी मोटी त्रुटियां से रहित नहीं है.' न्यायालय खान की अपील पर इसी हफ्ते अपने फैसले पर पहुंच सकता है जिन्होंने इस साल छह मई को मुम्बई सत्र अदालत से मिली पांच साल की कैद की सजा को चुनौती दी है.

न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन गवाह पीडब्ल्यू (अभियोजन गवाह)-3 यानी मन्नु खान ने गवाही दी थी कि उसे ऐसा लगा था कि सलमान नशे में हैं क्योंकि जब वह दुर्घटनास्थल पर कार से निकले तो वह दो बार गिर पड़े, फिर खड़े हुए और वहां से चले गए.

न्यायमूर्ति जोशी ने कहा, 'ऐसा जान पड़ता है कि प्रथम सूचनाप्रदाता (रवींद्र पाटिल) ने जब प्राथमिकी दर्ज की तब उनका ध्यान इस पर नहीं गया क्योंकि प्राथमिकी में अल्कोहल शब्द का जिक्र नहीं है.' न्यायाधीश ने कहा कि पीडब्ल्यू 3 यानी मन्नु खान से इस घटना के 12 साल बाद पूछताछ की गई. उसे प्राथमिकी के संदर्भ में देखा जाएगा. सलमान खान ने सत्र अदालत के फैसले को चुनौती दी जिसने उन्हें गैर इरादतन हत्या के जुर्म में पांच साल की कैद की सजा सुनाई. अभिनेता ने कहा कि निचली अदालत ने सुनवाई में गलती की.

अदालत ने कहा कि वह अभिनेता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की उपयुक्तता पर अपनी व्यवस्था देगा और अभिनेता के पूर्व सुरक्षाकर्मी रवींद्र पाटिल के बयान को सबूत के तौर पर स्वीकार्य करने जैसे अन्य प्रमुख प्रश्नों पर भी व्यवस्था देगी. सलमान ने दलील है कि गैर इरादतन हत्या का आरोप उचित नहीं है और मामले में गलत तरह से लगाया गया है. उन्होंने निचली अदालत में पाटिल के बयान पर भरोसा करने के अभियोजन पक्ष के कदम को भी चुनौती देते हुए कहा कि इस गवाह की मृत्यु हो चुकी है और इसलिए वह जिरह के लिए उपलब्ध नहीं हैं.

अभियोजन पक्ष ने सलमान की याचिका का विरोध किया और अभिनेता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाये जाने को सही ठहराते हुए कहा कि सलमान ने 28 सितंबर, 2002 को शराब के नशे में अंधाधुंध तरीके से और लापरवाही से कार चलाई, तभी हादसा हुआ.

फैसला लिखाने के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि उच्च न्यायालय अन्य महत्वपूर्ण विषयों का भी अध्ययन करेगा. जिनमें यह भी शामिल है कि क्या मृतक कार दुर्घटना की वजह से मारा गया था या कार को हटाने के लिए बुलाई गयी क्रेन के हुक से कार गिर जाने से उसकी मौत हुई.

इनपुट: भाषा

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