जयललिता आय से अधिक संपति मामले के अहम पहलू

आय के ज्ञात स्रोतों से ज्‍़यादा संपत्ति से जुड़े मामले में मुकदमे का सामना कर रही तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता जे जयललिता को बड़ी राहत मिल गई है. लेकिन इस मामले ने लंबे वक्‍़त से उनकी नाक में दम कर रखा था...

Jayalalithaa, Former Chief Minister of Tamil Nadu
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली,
  • 12 मई 2015,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

आय के ज्ञात स्रोतों से ज्‍़यादा संपत्ति से जुड़े मामले में मुकदमे का सामना कर रही तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता जे जयललिता को बड़ी राहत मिल गई है. लेकिन इस मामले ने लंबे वक्‍़त से उनकी नाक में दम कर रखा था...

1996: जयललिता के घर विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक टीम की टीम ने 66 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त की. इसके बाद जयललिता पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया2000-2003: तमिलनाडु में मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से केस लड़ रहे तीन वकीलों और एक जज ने इस्तीफा दिया2003: डीएमके नेता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को कर्नाटक ट्रांसफर कर दिया. कर्नाटक में इस मामले की सुनवाई के दौरान पांच जज और दो सरकारी वकील बदले12 सितंबर, 2011: सुप्रीम कोर्ट ने सख़्त रुख अपनाते हुए जयललिता को अगली सुनवाई के दौरान अदालत में हाज़िर रहने का आदेश दिया.20 अक्टूबर 2011: इस पूरे मामले की जांच के दौरान जयललिता पहली बार बंगलूरु की स्पेशल कोर्ट में पेश हुईं. जहां उन्हें साढ़े पांच घंटे की लंबी पूछताछ के दौरान 379 सवालों के जवाब दिए.3 नवंबर 2011: सुप्रीम कोर्ट ने मामले की दूसरी बड़ी सुनवाई टाल दी, जिसमें जिसमें जयललिता को दोबारा पेश होना था. क्योंकि सुनवाई से पहले ही जांच कर रही बेंच के एक जज ने मामले से खुद को बाहर कर लिया.8 नवंबर 2011: जयललिता से कुल 1,339 सवाल किए गए. ये सवाल साड़ियों के कलेक्‍शन से लेकर रियल एस्टेट और 'दत्तक पुत्र' टी वी सुधाकरण की शादी पर हुए भारी खर्च पर थे.29 अक्टूबर 2013: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जयललिता को अदालत में गैरहाज़िर रहने की छूट दी.20 मई, 2014: कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमें उन्होंने फैसले पर होने वाली आखिरी बहस को टालने की मांग की थी.17 जून 2014: सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की सरकार को नोट‌िस जारी करते हुए इस मामले में नए सरकारी वकील को नियुक्त करने की मांग की.17 सितंबर 2014: बंगलूरु कोर्ट ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा के मद्देनज़र फैसले को एक सप्ताह के ल‌िए टाल दिया.27 सितंबर 2014एक और मामलाइनकम टैक्स केस, 1994: सीबीआई के आरोप हैं कि जयललिता ने 1993-94 के दौरान अपना आयकर नहीं जमा कराया.11 मई 2015: हाईकोर्ट ने जे जयललिता को आय से अधिक संपत्ति के मामले में बरी कर दिया. इस फैसले के बाद उनके सक्रिय राजनीति में वापसी और मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदें बढ़ गईं हैं.

इनपुट: NEWSFLICKS

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