मैनपुरी: खुद को जिंदा साबित करने के लिए भटक रही महिला, जालसाजों ने हड़पी जमीन

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के नगला ऊसर गांव में रहने वाली महिला कैलादेवी को मृत दिखाकर जालसाजों ने जमीन अपने नाम करा ली. जालसाजों ने लेखपाल से मिलकर बतौर वारिस तहसील की खतौनी में अपना नाम दर्ज करा लिया.

खुद को जिंदा साबित करने के लिए भटक रही हैं कैलादेवी
aajtak.in
  • मैनपुरी,
  • 15 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

  • जमीन हड़पने के लिए जालसाजों की बड़ी साजिश
  • जिंदा महिला को बताया मृत, हड़पी जमीन
  • SDM ने लेखपाल को किया सस्पेंड
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से हैरान करने वाला एक मामला सामने आया है. मैनपुरी में एक जीवित महिला को मरा हुआ बताकर ठगों ने महिला की जमीन हड़प ली है. महिला इस फ्रॉड के संबंध में अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अधिकारी कथित तौर पर महिला की अनदेखी कर रहे हैं. यह मामला कुरावली तहसील के नगला ऊसर गांव का है

जालसाजों ने जमीन हड़पने के लिए कथित तौर पर लेखपाल से मिलकर तहसील के अभिलेखों में महिला को मृत दर्शा दिया है. जालसाजों ने खुद को महिला का वारिस बताकर जमीन अपने नाम कर ली, साथ ही तहसील के अभिलेखों में जालसाजों ने अपना नाम दर्ज करा लिया है.

यह सब होने के बाद भी महिला को धोखाधड़ी की जानकारी नहीं थी. जब जालसाजों ने जमीन बेचने की पहल की तब जाकर महिला को इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई. इस मामले पर संज्ञान लेकर एसडीएम ने लेखपाल को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही अधिकारी जांच में जुट गए हैं.

क्या है मामला?

कुरावली तहसील के नगला ऊसर गांव में रहने वाली महिला कैलादेवी को मृत दिखाकर जालसाजों ने जमीन अपने नाम करा ली. जालसाजों ने लेखपाल से मिलकर बतौर वारिस तहसील की खतौनी में अपने नाम दर्ज करा लिया. जमीन नाम कराने के बाद जालसाजों ने जमीन को बेचने का भी सौदा कर दिया, तब जाकर कैलादेवी को खुद साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला.

काफी समय से महिला कैलादेवी खुद को जीवित साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं लेकिन तहसील के अभिलेखों में अभी भी कैलादेवी मुर्दा हैं. कैलादेवी ने ये 14 बीघा जमीन साल 2009 में खरीदी थी, तब से वह खेती करती आ रही हैं. अब भी उनके खेत में फसल खड़ी है.

कैसे हुई धोखाधड़ी की जानकारी?

कैलादेवी का आरोप है कि ग्राम प्रधान से मिलकर 14 नबंवर 2009 को मुझे तहसील के अभिलेखों में मृत दर्शा दिया. आरोपियों ने तहसील की खतौनी में वतौर वारिस अपने नाम फर्जी तरीके से दर्ज करा लिया है. इतना ही नहीं इन जालसाजों ने जमीन बेचने का भी सौदा कर दिया. जब जमीन खरीदने वाले लोग जमीन देखने गए तब कैलादेवी को धोखाधड़ी की जानकारी हुई. कैलादेवी ने जब तहसील से अपनी जमीन की खतौनी निकलवाई तो जमीन उपरोक्त आरोपियों ने नाम वतौर वारिस दर्ज मिली.

तहसील के अभिलेखों मुर्दा दर्ज हो चुकी कैलादेवी काफी समय से जीवित होने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है, गुहार लगा रही है, लेकिन अभी तक उसे जीवित नहीं करार दिया गया है. तहसील अभिलेखों में अभी कैलादेवी मृत दर्ज हैं. हालांकि कुरावली तहसील के एसडीएम अनूप कुमार ने महिला को मृत दर्शाने वाली रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल विनोद भारती को सस्पेंड कर दिया है. अधिकारी अपनी आगे की कार्रवाई में जुटे हैं.

(पुष्पेंद्र सिंह चौहान की रिपोर्ट)

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