बच्चों की स्कूल फीस और कर्ज चुकाने को बना लुटेरा, ऐसे की वारदात

बच्चों की स्कूल की फीस भरने और कर्ज उतारने के लिए एक शख्स लुटेरा बन बैठा, और मौका देखकर जिस दुकान पर हर रोज सामान लेने आता था, उसी दुकान के मालिक को लूट लिया. यह वारदात गुरुग्राम के सदर बाजार इलाके की है.

बच्चों की स्कूल की फीस भरने और कर्ज चुकाने के लिए बना लुटेरा (फोटो-हिमांशु मिश्रा)
हिमांशु मिश्रा/अरविंद ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 10:11 AM IST

बच्चों के स्कूल की फीस भरने और कर्ज उतारने के लिए एक शख्स लुटेरा बन बैठा और मौका देखकर जिस दुकान पर हर रोज सामान लेने आता था, उसी दुकान के मालिक को लूट लिया. यह वारदात गुरुग्राम के सदर बाजार इलाके की है.

गुरुग्राम के सदर बाजार के हरी स्वीट्स के मालिक 21 जून की रात जैसे ही अपनी दुकान बंद करके घर के लिए निकलने वाले थे कि एक नकाबपोश बदमाश ने उन पर हमला कर दिया और नोटों से भरा बैग लूटकर फरार हो गया. दुकान मालिक ने तुरंत वारदात की जानकारी पुलिस को दी.

पुलिस को मौके पर पहुंच कर जानकारी मिली कि लुटेरा अकेला था और अकेले ही स्कूटी से आया था. पुलिस को इस वारदात के बाद बेहद हैरत भी थी क्योंकि आमतौर पर लुटेरे कम से कम दो की संख्या में जरूर होते हैं.

मामले की जांच कर रही पुलिस को इस केस से जुड़ा कोई भी सुराग नहीं मिल रहा था. इस बीच, पुलिस ने उनकी दुकान में लगे सीसीटीवी की जांच की. जांच में पुलिस को एक शख्स वारदात से कुछ पहले से बार-बार आता-जाता नजर आया. जांच में पता लगा कि उसका नाम भूपेंद्र है और वह पास में ही रहता था. बाद में पुलिस ने हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया.

आरोपी के पास से पुलिस ने 8 लाख 95 हजार कैश भी बरामद कर लिया. आरोपी भूपेंद्र ने बताया कि उसके ऊपर कुछ कर्ज हो गया था, साथ में वो अपने बेटे की स्कूल फीस भी जमा नहीं कर पया था. इसी वजह से उसने लूट की इस वारदात को अंजाम दिया.

भूपेंद्र ने बताया कि जब वह दुकान पर आता था तो उसे इस बात का अंदाजा था कि हर रोज दुकान बंद कर जब मालिक जाता है तो उसके पास एक से दो लाख रुपये होते हैं, लेकिन उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि बैग में दस लाख रुपये हैं. आरोपी ने लूट की रकम से अपना कर्ज चुकाया था, बच्चे की स्कूल फीस भरी थी और कुछ पैसों से नशा किया था. बाकी रकम उसके पास से बरामद कर ली गई है.

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