मोंटी चड्ढाः निवेशकों से किए बड़े-बड़े वादे, अब 100 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

अब मनप्रीत सिंह चड्ढा उर्फ मोंटी चड्ढा को साकेत कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. अब दिल्ली पुलिस उसकी रिमांड मांगेगी, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस बारे में क्या सोचती है.

पुलिस ने मोंटी को एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है (फोटो- इंडिया टुडे)
परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 13 जून 2019,
  • अपडेटेड 6:46 PM IST

दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से बिल्डर और कारोबारी मोंटी चड्ढा को गिरफ्तार किया गया है. दरअसल, उस पर फ्लैट बॉयर्स के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है. आरोपी के खिलाफ पहले ही लुक ऑउट सर्कुलर जारी हो चुका था. वेव समूह के CEO मनप्रीत सिंह चड्ढा उर्फ मोंटी चड्ढा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है.

आरोप है कि मनप्रीत सिंह चड्ढा उर्फ मोंटी ने निवेशकों से NH24 पर स्थित एक हाईटेक टाउनशिप परियोजना में मेट्रो ट्रेन, हेलीपैड जैसी सुविधाओं के अलावा अन्य सुविधाएं देने का वादा किया था. लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हो पाया. इसलिए मोंटी के खिलाफ साल 2018 में निवेशकों के साथ 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी.

क्योंकि यह मामला वित्तीय अपराध का है, लिहाजा एहतियात के तौर पर पिछले साल मोंटी चड्ढा के खिलाफ लुक-आउट-परिपत्र जारी किया गया था. मोंटी को आव्रजन अधिकारियों ने उस वक्त एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया, जब वह बुधवार की रात फुकेत जाने के लिए वहां पहुंचे थे. बाद में उन्हें दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया.

अब मनप्रीत सिंह चड्ढा उर्फ मोंटी चड्ढा को साकेत कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. अब दिल्ली पुलिस उसकी रिमांड मांगेगी, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस बारे में सोचती है.

इस गिरफ्तारी के साथ ही एक सवाल भी उठ रहा है कि अगर मनप्रीत सिंह चड्ढा उर्फ मोंटी चड्ढा के खिलाफ ठोस मामला था, तो उसे आज तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. वह कोई फरार आरोपी नहीं था.

लुक-आउट-परिपत्र यानी LoC मतलब है कि जिसके खिलाफ वो हो, वह व्यक्ति देश की सीमा के पार नहीं जा सकता. इस मामले में गिरफ्तारी तब की जा सकती है, जब आरोपी फरार हो या उसके खिलाफ पुख्ता सबूत हों. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला कोर्ट के सामने कैसे रखा जाएगा.

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