एक बलात्कारी का लाइव कबूलनामा, बताया- घटना के वक्त क्या होती है सोच

सवाल ये कि आखिर बलात्कारी होते कौन हैं. उनकी सोच क्या होती है. कैसे वो पल में इंसान से भेड़िए बन जाते हैं. कैसे कोई लाशों तक से अपनी हवस मिटा सकता है.

हैदराबाद गैंगरेप कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है
शम्स ताहिर खान/परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:17 PM IST

  • रेप की वारदात को अंजाम देने वाले की खौफनाक दास्तान
  • हवस मिटाने के लिए कर दिए 3 कत्ल
  • पुलिस को खुद बताई करतूत

गम और गुस्से के मौसम के बीच हम सब रेप, रेप के कानून और कड़ी से कड़ी सज़ा को लेकर तमाम बहस और बातें कर रहे हैं. पर एक ख्याल अकसर सवाल बन कर हम सबके जेहन में कौंधता है. सवाल ये कि आखिर बलात्कारी होते कौन हैं. उनकी सोच क्या होती है. कैसे वो पल में इंसान से भेड़िए बन जाते हैं. कैसे कोई लाशों तक से अपनी हवस मिटा सकता है.

बलात्कार की एक वारदात को लेकर जब पूरा देश अपने क़दमों पर हो. बलात्कारियों को लिंचिंग से लेकर ज़िंदा जला देने तक पर जब राष्ट्रीय बहस छिड़ी हो. तब ऐसे में उस बलात्कारी की सोच का सच जानना जरूरी हो जाता है, जो बलात्कार करता है.

ज़रूरी हो जाता है ये जानना कि एक इंसान अचानक भेड़िया कैसे बन जाता है? वो कौन सा नशा होता है जिसके नशे में वो दरिंदगी की सारी हदें पार कर जाता है? क्यों एक इंसान अचानक इतना भूखा हो जाता है कि हवस की आग ठंडी करने के लिए लाशें तक को नोचने लगता है. आखिर एक बलात्कारी के मन में उस वक्त चलता क्या है. वो सोचता क्या है. वो चाहता क्या है? तो ज़ाहिर है इस खौफनाक सोच का सच कोई बलात्कारी ही बता सकता है.

पहले आपको एक मुख्तसर सी कहानी बताते हैं. हैदराबाद की डॉक्टर से हुई दरिंदगी के ठीक पांच दिन पहले यूपी के आजमगढ़ में एक परिवार के तीन लोगों का कत्ल हुआ था. पति-पत्नी और उसके मासूम बेटे का कत्ल. ये सारे कत्ल कातिल ने बलात्कार के लिए किए थे. बलात्कारी इसके बाद पहले से ही खून से लथपथ महिला के साथ बलात्कार करता है. इसके बाद आरोपी ने पीड़िता की मासूम बच्ची के साथ भी जबरदस्ती की.

पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उस बलात्कारी से पूछताछ की. जिसे सुनकर पुलिसवाले भी हैरान थे. उसने खुद अपने गुनाह की दास्तान बयान की. पुलिस ने उसे कैमरा पर रिकार्ड किया. उसकी सोच जानकर सब हैरान थे. वो पूरा वीडियो आजतक के हाथ लगा. जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं.

उस दरिंदे का कबूलनामा सुनकर सवाल उठता है कि क्या ऐसे लोगों को ज़िंदा रहने का हक मिलना चाहिए? आजमगढ़ के एसएसपी त्रिवेणी सिंह का कहना है कि वो आरोपी को रिकार्ड टाइम में सजा दिलाएंगे.

उस बलात्कारी की पुलिस के साथ पूरी बातचीत सुनने के दौरान पल भर को कहीं नहीं लगता कि वो इंसान है. वह केवल एक जानवर नजर आता है. एक ऐसा भेड़िया जिसे केवल खून की प्यास रहती है.

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