छोटे उद्यम‍ियों को राहत, 25 लाख तक के जुर्माने वाले केस कोर्ट से वापस लेगी सरकार

केंद्र सरकार जल्द ही कारोबारियों पर 15 से 25 लाख या उससे कम रकम के जुर्माने के केस वापस लेगी. ये सभी मामले अदालत में विचाराधीन हैं. इसके लिए छह माह की समय सीमा निर्धारित की गई है.

पीयूष गोयल (File photo)
विकास जोशी/सुनील नामदेव
  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 7:41 PM IST

केंद्र सरकार जल्द ही कारोबारियों पर 15 से 25 लाख या उससे कम रकम के जुर्माने के केस वापस लेगी. ये सभी मामले अदालत में विचाराधीन हैं. इसके लिए छह माह की समय सीमा निर्धारित की गई है. केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को रायपुर में चेंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी. इसकी जगह पर नई दरेंतय की गई हैं.

गोयल ने बताया कि जुर्माने की रकम से ज्यादा रकम कानूनी सलाह और अदालत में केस लड़ने में खर्च हो रही है. इसलिए ऐसे मामलों को वापस लेना ही मुनासिब समझा जा रहा है. उन्होंने बताया कि ज्यादातर केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं.

केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मंत्रालय ने इस पर कानूनी सलाह लेने के साथ ही ऐसे प्रकरणों की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि सरकार के इस कदम से सुप्रीम कोर्ट में 40 से 50 फीसदी के इस तरह के विचाराधीन मामलों में कमी आ जाएगी. उनके मुताबिक इससे सरकार और कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी.

 ये होगी नई व्यवस्था

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अभी तक किसी भी रकम के लिए सरकार कोर्ट में जाती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था बनाई जा रही है. उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत 25 लाख तक के जुर्माने वाले मामलों में केंद्र सरकार ट्रिब्यूनल में अपील करेगी.

50 लाख तक के जुर्माने के लिए हाईकोर्ट और 1 करोड़ या उससे ज्यादा की रकम की वसूली के लिए ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी. इस नई व्यवस्था के लिए जल्द ही अधिसूचना भी जारी की जाएगी.

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