Airtel को 23 हजार करोड़ का घाटा फिर भी बाजार में मिला बूस्‍ट, ये है वजह

देश की दिग्‍गज टेलिकॉम कंपनी एयरटेल को तिमाही नतीजों में बड़ा नुकसान हुआ है लेकिन शेयर बाजार में जबरदस्‍त तेजी देखी गई है.

एयरटेल को 23 हजार करोड़ का घाटा हुआ है
दीपक कुमार
  • नई दिल्‍ली,
  • 15 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

  • कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयर में 7 फीसदी तक की तेजी
  •  जुलाई-सितंबर तिमाही में 23,045 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा

टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल को चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 23,045 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है. गुरुवार को जारी इस तिमाही नतीजे के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि एयरटेल के शेयर में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है. लेकिन इसके उलट सप्‍ताह‍ के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई इंडेक्‍स में एयरटेल के शेयर में सबसे अधिक 7 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई. इस दौरान कंपनी का शेयर भाव 390 रुपये पर पहुंच गया. ऐसे में सवाल है कि आखिर क्‍यों घाटे के बावजूद कंपनी के शेयर में इतनी बड़ी तेजी देखने को मिली है. आइए समझते हैं इस मामले को... 

क्‍या है एयरटेल में तेजी की वजह?

दरअसल,  मीडिया में ऐसी खबरें चल रही हैं कि मोदी सरकार वित्तीय दबाव कम करने के लिए टेलिकॉम कंपनियों को राहत पैकेज देने का प्लान बना रही है. खबरों के मुताबिक राहत पैकेज को लेकर सरकार ने कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति गठित की थी. इस समिति ने राहत पैकेज का पूरा ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. इस खबर का फायदा एयरटेल को मिला है और शुक्रवार को घाटे का असर शेयर भाव पर नहीं दिखा. इसके अलावा एयरटेल की आय में इजाफे की वजह से भी निवेशकों का भरोसा बरकरार है. आंकड़े बताते हैं कि दूसरी तिमाही में एयरटेल का आय 4.7 फीसदी बढ़कर 21,199 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.

23 हजार करोड़ का घाटा

एयरटेल को जुलाई-सितंबर, 2019 तिमाही में 23,045 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा हुआ है. वहीं पिछले साल की दूसरी तिमाही में कंपनी को 119 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. एयरटेल का कहना है कि एडजस्टेड ग्रास रेवेन्यू (एजीआर) की वजह से उसे इस तिमाही में तेज झटका लगा है. बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर की सरकार द्वारा तय परिभाषा को सही माना था.

इसके तहत कंपनियों की दूरसंचार सेवाओं से इतर कारोबार से प्राप्त आय को भी उनकी समायोजित सकल आय का हिस्सा मान लिया गया है. हालांकि एयरटेल को उम्मीद है कि सरकार इस मामले में जरूर राहत देगी. लेकिन अगर सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिलती है तो भारती एयरटेल को तिमाही के लिए कुल 28,450 करोड़ रुपये चुकाने पड़ेंगे. इसमें 6614 करोड़ रुपये प्रिंसिपल और 12,219 करोड़ रुपये ब्याज है.

वोडाफोन-आइडिया ने भी की वापसी

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट के बाद वोडाफोन आइडिया के शेयर में भी जबरदस्‍त तेजी दर्ज की गई. दोपहर बाद वोडाफोन आइडिया के शेयर 16 फीसदी की तेजी के साथ 3.50 रुपये के स्‍तर पर पहुंच गए. बता दें कि वोडाफोन-आइडिया के दूसरी ति‍माही के नतीजे जारी हुए हैं. इन नतीजों में वोडाफोन-आइडिया को 50,921 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा नुकसान हुआ है. इसे कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही घाटा माना जा रहा है. इससे पहले टाटा मोटर्स ने अक्टूबर-दिसंबर 2018 की तिमाही में 26,961 करोड़ रुपये का तिमाही नुकसान दिखाया था. यह उस समय तक किसी भारतीय कंपनी का सबसे बड़ा तिमाही घाटा था.

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