कल SEBI की अहम बैठक, म्यूचुअल फंड रेगुलेशन में बदलाव संभव

शेयर बाजार की निगरानी करने वाली रेगुलेटरी संस्था सेबी, शुक्रवार को होने वाली बोर्ड मीटिंग में कमोडिटी वायदा बाजार में म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजर्स को निवेश की इजाजत दे सकती है.

म्यूचुअल फंड के निवेश के नियम में बदलाव की तैयारी (Photo: File)
दीपू राय
  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 7:53 PM IST

शेयर बाजार की निगरानी करने वाली रेगुलेटरी संस्था सेबी, शुक्रवार को होने वाली बोर्ड मीटिंग में कमोडिटी वायदा बाजार में म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजर्स को निवेश की इजाजत दे सकती है. फिलहाल खुदरा निवेशकों सहित कई निवेशकों के समूह को सोने के अलावा और किसी भी कमोडिटी 'वायदा' बाजार में कारोबार करने की छूट नहीं है.

लेकिन सेबी शुक्रवार को होने वाली बैठक में म्यूचुअल फंड के निवेश से जुड़े नियमों में बदलाव कर सकती है. जिससे म्यूचुअल फंड को एक्सचेंज ट्रेडेड कमोडिटी वायदा कारोबार में निवेश की छूट मिल सकती है. म्यूचुअल फंड जैसे संस्थागत निवेशकों को जो आम निवेशकों से पैसा लेकर बाजार में निवेश करते हैं, उन्हे संवेदनशील कमोडिटी में निवेश की इजाजत नहीं होगी.

सूत्रों के मुताबिक सेबी अपनी बोर्ड मीटिंग में कमोडिटी डेरिवेटिव एडवाइजरी कमेटी के सुझावों पर अमल करने जा रही है. सेबी की एक्सपर्ट कमेटी का मानना है कि म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजर्स सर्विसेज यानी पीएमएस जैसे घरेलू सस्थागत समूहों के जरिए आम निवेशकों को कमोडिटी वायदा कारोबार में निवेश की इजाजत दी जा सकती है.

इसके अलावा कल की बैठक में रेटिंग एजेंसियों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े फैसले लिए जा सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक बैठक में रेटिंग एजेंसियों के लिए कड़े प्रावधान की सिफारिश की जा सकती है. नए प्रस्तावों के मुताबिक लेनदार और देनदार की रेटिंग एक एजेंसी नहीं कर पाएगी. हितों का टकराव रोकने के लिए ये कदम उठाया जा सकता है.

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