कर्जदारों ने किया अनिल अंबानी का इस्तीफा नामंजूर, CoC की बैठक में फैसला

अब रिलायंस कम्युनिकेशन के कर्जदारों ने चेयरमैन अनिल अंबानी और 4 अन्य डायरेक्टरों का उनके पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया है.

कर्जदारों ने अनिल अंबानी का इस्तीफा नामंजूर किया
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 24 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 4:16 PM IST

  • अनिल अंबानी और 4 अन्य डायरेक्टर्स का इस्तीफा नामंजूर
  • जुलाई-सितंबर की तिमाही में कंपनी को 30,142 करोड़ का घाटा

रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के डायरेक्टर पद से हाल ही में अनिल अंबानी ने इस्तीफा दे दिया था. अब रिलायंस कम्युनिकेशन के कर्जदारों ने चेयरमैन अनिल अंबानी और 4 अन्य डायरेक्टरों का उनके पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया है. साथ ही इन सभी से दिवालिया समाधान प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए कहा है.

बैठक में इस्तीफे पर हुई चर्चा

आरकॉम की ओर से बीएसई फाइलिंग में बताया गया है कि 20 नवंबर को कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) की एक बैठक हुई. इस बैठक में अनिल अंबानी समेत 5 डायरेक्टर्स के इस्तीफे पर चर्चा हुई. जिसके बाद बैठक में कमेटी ने पांचों डायरेक्टर्स के इस्तीफे को अस्वीकर करने का फैसला किया.

आर्थिक तंगी से जूझ रही है कंपनी

दरअसल हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशंस की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए गए. जुलाई-सितंबर की तिमाही में कंपनी को 30,142 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जो कॉरपोरेट इतिहास में वोडाफोन-आइडिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा घाटा था. इसके बाद कंपनी ने बयान जारी कर इस्तीफे की बात कही थी.बता दें कि दिवाला प्रक्रिया में चल रही कंपनी ने इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,141 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था.

सभी डायरेक्टर्स का इस्तीफा नामंजूर

गौरतलब है कि अनिल अंबानी के अलावा छाया विरानी, रायना कारानी, मंजरी काकेर और सुरेश रंगाचर ने भी इस्तीफा दे दिया था. इनमें से अनिल अंबानी, छाया विरानी और मंजरी काकेर ने 15 नवंबर को इस्तीफा दिया था जबकि रायना कारानी ने 14 नवंबर और सुरेश रंगाचर ने 13 नवंबर को पद छोड़ दिया था. लेकिन अब कर्जदाताओं द्वारा ये इस्तीफे नामंजूर कर दिए गए हैं.

बता दें, मौजूदा समय में रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया कानून की प्रक्रिया से गुजर रही है. 2008 में अनिल अंबानी के पास 42 अरब डॉलर की संपत्ति थी, जो 11 साल बाद यानी 2019 में घटकर 5230 मिलियन डॉलर यानी करीब 3651 करोड़ रुपये हो गई. इस संपत्ति में गिरवी वाले शेयर की कीमतें भी शामिल हैं.

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