जून में UPI ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर, 2.62 लाख करोड़ का लेनदेन

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार यूपीआई पर भुगतान जून में रिकॉर्ड 1.34 अरब लेनदेन तक पहुंच गया.

मई के मुकाबले 9 फीसदी इजाफा
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

  • जून में यूपीआई पर भुगतान 1.34 अरब लेनदेन तक पहुंच गया
  • मई के 1.23 अरब लेनदेन के मुकाबले जून में 8.94% की वृद्धि

बीते महीने यानी जून में एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) से ट्रांजेक्शन ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक यूपीआई पर भुगतान जून में रिकॉर्ड 1.34 अरब लेनदेन तक पहुंच गया.

इस दौरान लगभग 2.62 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए. बता दें कि यूपीआई एक अंतर बैंक फंड ट्रांसफर की सुविधा है, जिसके जरिए स्मार्टफोन पर फोन नंबर और वर्चुअल आईडी की मदद से पेमेंट की जा सकती है.

करीब 9 फीसदी का इजाफा

हालांकि, मई के मुकाबले जून का महीना यूपीआई भुगतान के लिए काफी अच्छा रहा. आंकड़ों के मुताबिक मई 2020 के 1.23 अरब लेनदेन के मुकाबले जून में 8.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इससे पहले अप्रैल में कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू लॉकडाउन में यूपीआई लेनदेन घटकर 99.95 करोड़ रह गया था और इस दौरान कुल 1.51 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए.

लॉकडाउन में ढील के बाद इजाफा

अर्थव्यवस्था को खोलने के बाद ऑनलाइन भुगतानों में मई से धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई. एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक मई में यूपीआई लेनदेन की संख्या 1.23 अरब थी, इसके बाद जून में लेनदेन की संख्या अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई.

साल 2008 में एनपीसीआई का गठन

आपको बता दें कि भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों के संचालन को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए साल 2008 में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) का गठन किया गया था. इसने देश में एक मजबूत भुगतान और निपटान बुनियादी ढांचा तैयार किया है.

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एनपीसीआई-रूपे कार्ड, तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस), यूपीआई, भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम), भीम आधार, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (एनईटीजी फास्टटैग) और भारत बिलपे जैसे खुदरा भुगतान उत्पादों के माध्यम से भुगतान की सुविधा प्रदान करता है.

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