MOTN: आर्थिक संकट से निपटने में सरकारी स्कीम्स सहारा, 58% लोगों ने दिखाई दिलचस्पी

कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे लोग सरकारी स्कीम के तहत लोन लेने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

सरकार की क्रेडिट स्कीम है सहारा
aajtak.in
  • ,
  • 08 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 12:18 AM IST

  • 58 फीसदी लोग सरकारी स्कीम के तहत लोन लेने को इच्छुक
  • 33% लोगों ने माना, सरकार की पॉलिसी बड़े कारोबार के लिए

कोरोना काल में लोगों को आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है. इस हालात में केंद्र सरकार ने अलग-अलग तरह की स्कीम्स को लॉन्च किया है. इनमें अधिकतर स्कीम्स के तहत लोगों को लोन दिए जा रहे हैं. करीब 58 फीसदी लोग सरकारी स्कीम्स के तहत लोन लेकर आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए तैयार हैं.

दरअसल, लोगों की आर्थिक संकट से निपटने की योजनाओं को लेकर आजतक ने कर्वी इनसाइट्स लिमिटेड के साथ मिलकर एक सर्वे किया. मूड ऑफ द नेशन के नाम से किए गए इस सर्वे में पता चलता है कि 58 फीसदी लोग सरकारी स्कीम के तहत लोन लेकर आर्थिक सेहत मजबूत करना चाहेंगे. वहीं, 34 फीसदी लोगों ने नहीं में जवाब दिया है. जबकि आठ फीसदी लोगों ने किसी तरह के जवाब से इनकार कर दिया है.

यह भी पढ़ें: सरकार के आत्मनिर्भर अभियान को मिला समर्थन, 53 फीसदी लोग गदगद

क्या सरकार की पॉलिसी सिर्फ बड़े कारोबारी के लिए?

एक अन्य सवाल में ये पूछा गया कि क्या सरकार की पॉलिसी सिर्फ बड़े कारोबारी के लिए है और छोटे कारोबारियों को नजरअंदाज किया जाता है. इस सवाल के जवाब में 33 फीसदी लोगों ने माना कि सरकार की पॉलिसी सिर्फ बड़े कारोबारी जगत के लिए है.

ये पढ़ें—MOTN: चीन की धोखेबाजी से खफा देश का जनमत, 59 फीसदी बोले युद्ध करना चाहिए

हालांकि, 45 फीसदी लोगों का कहना है कि सरकार बड़े और छोटे दोनों कारोबार का ख्याल रखती है. सिर्फ 7 फीसदी लोगों का कहना है कि सरकार की पॉलिसी छोटे कारोबार के लिए फायदेमंद है. जबकि छह फीसदी लोगों ने किसी भी तरह के जवाब देने से इनकार कर दिया.

यह भी पढ़ें: कोरोना काल में सरकार ने अर्थव्यवस्था को नहीं आने दी आंच, 72% लोग खुश

Read more!

RECOMMENDED