मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर! शहरी बेरोजगारी दर में आई गिरावट

बेरोजगारी को लेकर लंबे समय से विपक्ष की आलोचना झेल रही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए अच्‍छी खबर है.

शहरी बेरोजगारी दर में गिरावट
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली,
  • 23 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 3:42 PM IST

  • शहरी बेरोजगारी दर लुढ़क कर 9.3 फीसदी पर पहुंच गई
  • अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 9.9 फीसदी थी बेरोजगारी दर

बीते कुछ सालों से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बेरोजगारी के मोर्चे पर विपक्ष की आलोचना झेल रही है. इस बीच, न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक सरकारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि शहरी बेरोजगारी दर में गिरावट आई है. रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी-मार्च के बीच में शहरी बेरोजगारी दर लुढ़क कर 9.3 फीसदी पर पहुंच गई है.

0.6 फीसदी की आई गिरावट

इससे पहले शहरी बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर (2018) तिमाही में करीब 9.9 फीसदी थी. इस लिहाज से 0.6 फीसदी की गिरावट आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, युवा बेरोजगारी दर में भी कमी आई है. 15-29 साल के युवा जो देश की कुल आबादी में एक तिहाई हैं, उनकी बेरोजगारी दर जनवरी-मार्च तिमाही में गिरकर 22.5 फीसदी रही. वहीं अक्टूबर-दिसंबर (2018) तिमाही की बात करें तो यह दर 23.7 फीसदी थी.

ग्रामीण बेरोजगारी के आंकड़े नहीं

हालांकि रॉयटर्स ने ग्रामीण बेरोजगारी दर को लेकर किसी तरह के आंकड़े नहीं जारी किए हैं. रॉयटर्स ने साथ ही यह भी बताया है कि यह सरकारी रिपोर्ट बहुत जल्द प्रकाशित होने वाली है. रॉयटर्स के मुताबिक बेरोजगारी को लेकर ये रिपोर्ट 'करंट वीकली स्टेटस' को आधार मानकर तैयार की गई है. इस नियम के तहत एक शख्स उस सप्ताह में बेरोजगार माना जाता है, जिस सप्ताह में वह एक घंटे के लिए भी काम नहीं करता या फिर उसको काम नहीं मिलता है.

बता दें कि बेरोजगारी को लेकर पहली व्यापक वार्षिक रिपोर्ट फरवरी में लीक हुई थी. समाचार पत्र बिजनेस स्‍टैंडर्ड में छपी जुलाई 2017 से जून 2018 की ये रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान देश में 45 साल के उच्‍चतम स्‍तर पर बेरोजगारी थी. वहीं सरकार ने मई में इस रिपोर्ट को आधिकारिक तौर पर जारी किया. इस महीने, सांख्यिकी विभाग ने त्रैमासिक शहरी बेरोजगारी रिपोर्ट का एक हिस्‍सा भी जारी किया था जिसमें अप्रैल से दिसंबर 2018 की बेरोजगारी के आंकड़ों की जानकारी मिलती है.

Read more!

RECOMMENDED