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Farming Tips: पोपलर के साथ ऐसे करें शिमला मिर्च की खेती, कई गुना बढ़ जाएगा मुनाफा

Poplar & Capsicum Cultivation: भारत में पोपलर के पेड़ों की खेती काफी लोकप्रिय है. यह एक बारहमासी पेड़, जिसमें पानी की खपत कम होती है. एक हेक्टेयर में इसके 425 पौधे लगाए जा सकते हैं.  पोपलर पेड़ कटाई के लिए 5 से 8 सालों में तैयार होते हैं. इतने वक्त तक किसानों के पास आय का कोई साधन नहीं होता है. ऐसे में किसान सहफसली तकनीक का उपयोग करके पोपलर पेड़ों के साथ शिमला मिर्च की खेती कर सकते हैं.

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Poplar & Capsicum Cultivation Poplar & Capsicum Cultivation

Poplar & Capsicum Cultivation: खेती-किसानी में आजकल रोजाना नए प्रयोग किए जा रहे हैं. नई-नई तरह की फसलों की खेती शुरू हो गई है. नई तकनीकों का कृषि में प्रयोग होना शुरू हो गया है. इसका फायदा भी किसानों को बढ़ते मुनाफे के तौर पर मिल रहा है. 

भारत में पोपलर की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है. एक हेक्टेयर में इसके 425 पौधे लगाए जा सकते हैं.  पोपलर पेड़ कटाई के लिए 5 से 8 सालों में तैयार होते हैं. इतने वक्त तक किसानों के पास आय कोई साधन नहीं होता है. ऐसे में किसान सहफसली तकनीक का उपयोग कर पोपलर के पेड़ के साथ शिमला मिर्च की खेती कर सकता है.

पॉपलर की खेती में बंपर मुनाफा

दरअसल, पोपलर की खेती के लिए पांच डिग्री सेल्सियस से लेकर 45 डिग्री सेल्सियस के तापमान की जरूरत होती है. सूरज की रोशनी में इसका विकास सही तरीके से होता है. इस पेड़ का इस्तेमाल पेपर को बनाने में, हल्की प्लाईवुड, चॉप स्टिक्स, बॉक्सेस, माचिस आदि बनाने के लिए किया जाता है. पोपुलर के पेड़ों की लकड़ियां 700-800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकती हैं. एक हेक्टेयर में पोपलर की खेती से आप आसानी से 35-40 लाख तक कमा सकते हैं. लेकिन इसके लिए किसानों को 6 से 8 सालों का इंतजार करना पड़ेगा.

ऐसे करें शिमला मिर्च की खेती

वहीं, शिमला मिर्च की खेती करने के लिए पहले नर्सरी तैयार की जाती है. जब पौधे 8 से 10 सेंटीमीटर के हो जाते हैं फिर इसे खेतों में पोपलर पेड़ों के बीच में लगाए जाते हैं. ऐसे में आप शिमला मिर्च की खेती करके अनुमानित सालाना 4-5 लाख रुपये तक कमा सकते हैं.

जितना पुराना पेड़ उतनी ज्यादा कीमत

पोपलर की खेती लकडी ईंधन और चारे की मांग को पूरा करने के लिए की जाती है. इसके अलावा इमारतों को बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसकी कीमत हर साल  75,000-80,000 रुपये प्रति हैक्टर की दर से बढ़ती है. इसके उत्पादन से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.

 

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