scorecardresearch
 

Fertilizer Shortage: राजस्थान के दौसा में खाद की भारी किल्लत, सवाल पूछने पर भागते दिखे अधिकारी

Fertilizers Shortage: राजस्थान के दौसा में किसानों के सामने खाद्य की भारी किल्लत पैदा हो गई है. ऐसे में इसको लेकर यहां कालाबजारी भी शुरू हो गई है. 266 रुपये की एमआरपी का 1 कट्टा 350 से लेकर 400 रुपये तक मिल रहा है. यानी कि 1 खाद के कट्टे पर 84 रुपये से लेकर 150 रुपये तक अधिक वसूल किये जा रहे हैं. 

X
Fertilizers shortage in Rajasthan Dausa Fertilizers shortage in Rajasthan Dausa
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दौसा में खाद की भारी कालाबाजारी
  • फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं करते अधिकारी

Fertilizers Shortage: राजस्थान के दौसा में इस वक्त किसान खरीफ की फसल की बुवाई करने के बाद दर-दर भटकने को मजबूर हैं. यहां के किसानों को अब तक खाद नहीं मिल पाया है. किसान लगातार सरकार से खाद की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं. लेकिन अब तक किसानों की मांग पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई है.

सवालों से भागते नजर आएं अधिकारी

किसान लगातार कृषि अधिकारियों को फोन के माध्यम से अपनी समस्याओं से अवगत करवा रहे हैं लेकिन कृषि अधिकारी सिर्फ कागजों में ही गिनी चुनी थोथी कार्यवाही कर रहे हैं. जब आजतक ने दौसा जिले के कृषि विभाग के उपनिदेशक शंकर लाल मीणा इस बाबत पूछा तो वे सवालों से बचकर भागते नजर आए. आजतक के रिपोर्टर ने जब दोबारा उनसे सवाल पूछा तो वे गोलमोल जवाब देते हुए नजर आए. 

खाद की कालाबाजारी भी शुरू

दौसा में किसानों की बात करें तो उन्हें 266 रुपये की एमआरपी का 1 कट्टा 350 से लेकर 400 रुपये तक मिल रहा है. यानी कि 1 खाद के कट्टे पर 84 रुपये से लेकर 150 रुपये तक अधिक वसूल किये जा रहे हैं. 

विपक्ष का सरकार पर है ये आरोप

इस मामले को लेकर भाजपा से जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर का कहना है कि हमें भी किसानों द्वारा आए दिन खाद की कालाबाजारी को लेकर शिकायतें मिलती रहती हैं. जिले में कृषि विभाग के सक्षम अधिकारियों व खाद विक्रेताओं की मिलीभगत के चलते यह कालाबाजारी का खेल चल रहा है. राजस्थान सरकार में दौसा जिले से तीन मंत्री होने के बावजूद भी किसानों को एक यूरिया का कट्टा खाद विक्रेताओं द्वारा 350 रुपये से लेकर 400 रुपए तक बेचा जा रहा है. 

खाद विक्रेताओं की सीनाजोरी

किसान जब बीज विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी की शिकायत करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को फोन करते हैं तो कृषि विभाग के अधिकारी फोन रिसीव नहीं करते हैं. जब आजतक ने पूरे मामले में खुद जाकर खाद डीलर से बात की तो ये दुकानदार धड़ल्ले से यह कहते हुए नजर आते हैं कि अब से पहले भी एक खाद का कट्टा 350 रुपये में बेचा था और आगे भी 350 रुपये का ही मिलेगा.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें