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Lumpy Virus का कहर, यूपी में 25 हजार केस, MP के मंदसौर में मवेशी मेलों में धारा 144, देखें किस राज्य में कितने गंभीर हालात

Lumpy Virus Updates: मवेशियों में लंपी वायरस का कहर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है. मवेशियों में फैली लंपी स्किन बीमारी की वजह से डेयरी किसानों को काफी संकट का सामना करना पड़ रहा है. जिसे लेकर राज्यों से लेकर केंद्र सरकार तक एक्शन मोड में हैं. राजस्थान और मध्य प्रदेश के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेजी से पांव पसार रहे लंपी वायरस की घेराबंदी शुरू हो गई है.

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Lumpy Skin Disease in Cattles
Lumpy Skin Disease in Cattles

Lumpy Virus in Cattles: देश के कई राज्यों में लंपी वायरस पशुओं पर काल बनकर टूट रहा है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों के मवेशियों में लंपी वायरस फैल चुका है. लंपी स्किन वायरस की चपेट में आकर देश भर में 50 हजार से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है. लंपी वायरस बीमारी डेयरी व्यवसाय के लिए खास चिंता बनकर उभरी है. लंपी बीमारी मवेशियों में खास तौर पर गाय-भैंसों में फैल रही है. इससे वे किसान बुरी तरह प्रभावित हैं, जिनका व्यवसाय पूरी तरफ मवेशियों पर निर्भर है. गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में इस बीमारी के कारण हजारों मवेशियों की मौत हो चुकी है.

इस बीच चिंता की बात ये है कि मवेशियों में लंपी वायरस का कहर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिसे लेकर राज्यों से लेकर केंद्र सरकार तक एक्शन मोड में हैं. राजस्थान और मध्य प्रदेश के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेजी से पांव पसार रहे लंपी वायरस की घेराबंदी शुरू हो गई है. केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पिछले दिनों में लंपी स्किन बीमारी से भारत के कई राज्यों में पशुधन का नुकसान हुआ है. इससे बचाव के लिए स्वदेशी वैक्सीन तैयार की गई है. 

दूध उत्पादन पर पड़ रहा असर
मवेशियों में फैली लंपी स्किन बीमारी की वजह से डेयरी किसानों को काफी संकट का सामना करना पड़ रहा है. पंजाब में बड़े पैमाने पर दुग्ध व्यवसाय किया जाता है, ऐसे में दूध उत्पादन कम होने से कारोबार पर विशेष असर पड़ रहा है. पंजाब के प्रगतिशील डेयरी किसान संघ (PDFA) के मुताबिक, लंपी स्किन बीमारी की वजह से राज्य में दूध उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक घट गया है.

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किस राज्य में कितने केस?
देश के विभिन्न राज्यों के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 74,325 मवेशी, गुजरात में 58,546, राजस्थान में 43,962 , जम्मू-कश्मीर में 6,385, उत्तराखंड में 1300, हिमाचल प्रदेश में 532 तथा अंडमान निकोबार में 260 मवेशी लंपी स्किन वायरस की चपेट में आ चुके हैं.

यूपी में 25 हजार से अधिक गाय-भैंस संक्रमित
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके में लंबी वायरस का कहर लगातार बढ़ रहा है. इसका सीधा असर गाय के दूध और उसके उत्पादन में देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश में अब तक 25 जिलों में लंपी वायरस पैर पसार चुका है. इसका सबसे ज्यादा असर मुजफ्फरनगर, सहारानपुर और अलीगढ़ में देखा जा रहा है. प्रदेश में 15 लाख से भी ज्यादा मवेशी लंपी वायरस की गिरफ्त में दिखाई देते हैं, जिनमें 25 हजार जानवर सीधे तौर पर संक्रमित हैं. गौवंश में बढ़ता लंपी वायरस का संक्रमण एक तरफ जहां मवेशियों की जान के लिए खतरनाक है तो वहीं, गाय का दूध,  गोमूत्र और गोबर पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है. 

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मध्य प्रदेश में 2,171 पशु संक्रमित
मध्य प्रदेश के 10 जिलों में 2,171 पशु लंपी स्किन बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके बाद प्रशासन ने इसकी रोकथाम के लिए प्रभावित गांवों और जिलों में पशुओं के आवागमन पर रोक लगा दी है. प्रदेश के रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, बैतूल, इंदौर और खंडवा में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है. धार, बुरहानपुर, झाबुआ में पशुओं में इसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 10 जिलों में 2,171 पशु इस बीमारी से प्रभावित हैं. जिनमें से 1,717 पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है जबकि अब तक 77,534 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है.

मंदसौर जिले में धारा 144 लागू
राजस्थान से सटे मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में लंपी वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. पशुओं में इस वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डीएम ने धारा 144 लगा दी है. जिसके तहत अब जिले में पशु हाट बाजार नहीं लगेंगे. वहीं, राजस्थान से गायों के परिवहन पर भी रोक लगा दी गई है. बता दें कि मंदसौर जिले के करीब 150 गांवों में 300 से अधिक गायों में लंपी वायरस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं. मंदसौर के डीएम गौतम सिंह का कहना है कि जिले में अगर कोई अपने पालतू मवेशी को खुला छोड़ता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. 

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राजस्थान में क्या हैं हालात?
राजस्थान में लंपी वायरस संक्रमण के चलते जहां पशुपालक परेशान हैं, वहीं अब इसके साइड इफेक्ट भी सामने आ रहे हैं. गायों में फैली लंपी स्किन बीमारी के कारण दूध उत्पादन में कमी आई है. जिसकी वजह से सूबे के कई जिलों में दूध की कीमतों में इजाफा भी देखने को मिल रहा है. देश में लंपी से प्रभावित राज्यों में राजस्थान सबसे ज्यादा प्रभावित है. मवेशियों में फैल रहे लंपी की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया गया है. राजस्थान सरकार ने मवेशियों में लंपी बीमारी से बचाव के टीके एवं दवाएं खरीदने के लिए 30 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. बताया जा रहा है कि इस बीमारी से बचने के लिए 'गोट पॉक्स वैक्सीन' पूरी तरह कारगर है.

महाराष्ट्र सरकार ने उठाए ये कदम
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि मवेशियों में लंपी स्किन रोग को देखते हुए सतर्कता बरतें और इसे फैलने से रोकने के लिए कदम उठाएं. दरअसल, महाराष्ट्र में पुणे जिले में पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण पाए गए हैं. हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है.

लंपी वायरस क्या है और कैसे फैलता है?
लंपी पशुओं में पाया जाने वाला एक खतरनाक वायरस है. जो पशुओं के संक्रमित मच्छरों, मक्खियों और जूं के सीधे संपर्क में आने से फैलती है. इसके अलावा दूषित भोजन और पानी के सेवन से भी मवेशी इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं.

लंपी वायरस के लक्षण क्या होते हैं?

  • लंपी वायरस के संक्रमण के कारण पशुओं को बुखार आने के साथ उनके शरीर में गांठें पड़ जाती हैं.
  • लंपी वायरस बीमारी पशुओं के लिए जानलेवा हो सकती है. हालांकि, ये पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलती है.
  • लंपी के लक्षणों में पशुओं में तेज बुखार आना, दूध उत्पादन में कमी होना, भूख न लगना, नाक से पानी निकलना और आंखों में पानी आना शामिल भी शामिल है.
  • साथ ही पशुओं के पैरों में सूजन, लंगड़ापन आने की वजह से काम करने की क्षमता भी कम हो जाती है.

 

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