scorecardresearch
 

Rose Flower Care Tips: बरसात में नहीं बर्बाद होगी गुलाब की खेती, नुकसान से बचने के लिए किसान अपनाएं ये तरीके

गार्डन में गुलाब के पौधे लगाए हैं, तो मॉनसून की शुरुआत से पहले गार्डन की अच्छी तरह से निराई कर लेना चाहिए, क्योंकि जंगली घास और खरपतवार न केवल ,मिट्टी से आवश्यक पोषक तत्वों को ग्रहण करते हैं, बल्कि कीटों और कवक को आकर्षित करने का काम भी करते हैं. मॉनसून के मौसम में गुलाब के पौधों के आसपास नियमित रूप से खरपतवार और जंगली घास की कटाई करें, जिससे रोज प्लांट को कीटों से बचाया जा सके और पोषक तत्व भी पर्याप्त मात्रा में प्राप्त हों.

X
Rose care tips Rose care tips
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बरसात में लगते हैं कीट और फंगस
  • समय-समय पर कटाई-छंटाई करते रहे

Rose Flower Care Tips: कई फसलें बरसात के मौसम में काफी अच्छे से विकास करती हैं. लेकिन कई फसलें ऐसी भी हैं जिनके लिए बारिश नुकसानदायक साबित होती है. गुलाब भी कुछ इसी तरह की फसल है कि अगर बारिश के मौसम में इस फसल का ख्याल नहीं रखा गया तो काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है.

बारिश में  गुलाब के फूलों में लग जाते हैं कीट

बारिश के दिनों में गुलाब के पौधे को विभिन्न प्रकार के कीटों, रोगों, और फंगस लगते हैं. ऐसे में इन्हें बचाने के अतिरिक्त सावधानी और देखभाल की जरूरत है. हम यहां आपको कुछ ऐसे ही तरीके बताएंगे, जिससे आप गुलाब के पौधे को बारिश के मौसम में भी स्वस्थ रख सकेंगे. 

आपने गुलाब के पौधे को जिस गार्डन में लगाया है, वहां नियमित रूप से निराई करना चाहिए. नियमित रूप से खरपतवार और जंगली घास की कटाई करें. इससे प्लांट की कीटों से बचाया जा सकता है.

कीट और फफूंद से ऐसे बचाएं

वहीं, बारिश के दिनों में, गुलाब के पौधे में फफूंद लगने की संभावना अधिक होती है, जिसके कारण गुलाब का तना, पत्तियां और जड़ें सड़ जाती हैं, इसीलिए बरसात के दौरान गुलाब के पौधे में समय-समय पर फफूंद नाशक जैसे नीम तेल और 3 जी फंगीसाइड का इस्तेमाल करें. 

ऐसे करें गुलाब के फूलों की कटाई-छंटाई

बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही गुलाब के पौधे की प्रूनिंग अर्थात कटाई छंटाई कर लेनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से पौधे में संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है. यदि आप बारिश के पहले गुलाब के पौधे की प्रूनिंग नहीं कर पाये हैं तो पौधा खराब हो सकता है. इसलिए गुलाब के लिए समय-समय पर मृत सिरों और किसी भी सड़ी या सूखी शाखा को 45 डिग्री के कोण पर काटें. इससे उसके तिरछे कटे हुए हिस्से पर पानी नहीं रूकता और पौधे संक्रमण के शिकार नहीं होते.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें