23 July 2026
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कई लोगों को लगता है कि टावर पर चमकती लाल लाइट सिर्फ एयरप्लेन को दिखाने के लिए लगाई जाती है. लेकिन इसके पीछे कई और वजह भी हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.
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बाकी लाइट के मुकाबले लाल लाइट ज्यादा दूर तक दिखाई देती है. बारिश और घने कोहरे में भी ये पायलट को आसानी से नजर आ जाती है, ताकि वह टावर से सेफ दूरी बनाए रख सके.
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पहले लाल लाइट चमकती नहीं थी, जिसकी वजह से कई प्रवासी पक्षियों की जान चली जाती थी. क्योंकि वे सितारों की मदद से रास्ता ढूंढ़ते हैं.
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सफेद लाइट की वजह से इंसानी आंखों को रात में देखने में दिक्कत हो सकती है. आंखों को दोबारा नॉर्मल होने में करीब 30 मिनट लग सकते हैं. वहीं लाल लाइट से ऐसी दिक्कत नहीं होती.
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रात के समय शहर में हर तरफ रोशनी होती है. ऐसे में लाल लाइट अलग से नजर आती है और पायलट को पहले ही अलर्ट कर देती है, जिससे हादसे का खतरा कम हो जाता है.
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लाल रंग को खतरे का संकेत माना जाता है. यही वजह है कि ऊंचे टावरों पर लाल लाइट का इस्तेमाल किया जाता है.
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ग्लोबल एविएशन नियमों के मुताबिक ऊंचे टावरों पर लाल लाइट लगाना जरूरी होता है, ताकि हवाई दुर्घटनाओं को रोका जा सके और उड़ानें सेफ रहें.
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कई लोगों को लगता है कि लाइट सिर्फ रात में ही चालू होती है. लेकिन कई टावरों पर दिन में सफेद लाइट भी जलती है, ताकि दिन के समय भी पायलट को चेतावनी मिलती रहे.
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टावर की लाल लाइट हमेशा चालू रहती है. इसके लिए टावर में पावर बैकअप सिस्टम भी लगाया जाता है, ताकि बिजली जाने पर भी लाइट बंद न हो.
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