AI की रेस पर ब्रेक लगाने की मांग, OpenAI और Anthropic के दफ्तरों के बाहर सैकड़ों लोगों का प्रदर्शन!
24 Feb 2026
Phot: AI
क्या थी यह घटना?
करीब 200 एआई सेफ्टी एक्टिविस्ट ने सैन फ्रांसिस्को में OpenAI और Anthropic के हेडक्वार्टर पर प्रोटेस्ट किया और Pause the AI Race के नारे लगाए.
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इनकी मांगे क्या थीं?
इनकी मांग है कि ग्लोबल AI रेस को रोका जाए, क्योंकि इससे इंसानियत को खतरा है और लोगों की नौकरी भी छूट रही है. कंपनियां अब सेफ्टी पर नहीं, बल्कि पैसे कमाने के मकसद से काम कर रही हैं.
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सुरक्षा VS मुनाफा
प्रोटेस्टर्स का कहना है कि OpenAI जैसी कंपनियां अब नॉन-प्रॉफिट सेफ्टी मॉडल से हटकर प्रॉफिट कमाने वाले मॉडल पर काम कर रही हैं. कंपटीटर को हराने के लिए दुनिया को सेटेस्ट ग्राउंड बना दिया गया है.
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इंडिया IT वर्कफोर्स
भारत में सॉफ्टवेयर और BPO सेक्टर में इसके असर दिखने लगे हैं. AI तेजी से काम को ऑटोमेट कर रहा है, जिससे मिडिल क्लास के लिए खतरा बढ़ रहा है.
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डीपफेक और स्कैम
प्रोटेस्टर्स ने यह भी बताया कि फ्रंटियर AI टूल्स तेजी से रिलीज हो रहे हैं, जबकि पहले से मौजूद फाइनेंशियल फ्रॉड और डीपफेक स्कैम्स को ठीक से रोका नहीं जा सका है.
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अस्तित्व खतरे में?
प्रोटेस्टर्स का कहना है कि यह एक चेतावनी है. अगर भविष्य में ऐसे सुपर AI मॉडल्स आ जाते हैं जिन्हें इंसान नियंत्रित नहीं कर पाए, तो यह इंसानियत के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.
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टेक कंपनियों की जवाबदेही
इन एक्टिविस्ट्स की मांग है कि OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों के CEO अपने बनाए गए AI मॉडल्स की जिम्मेदारी लें.
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IndiaAI गवर्नेंस
जहां अमेरिका अभी भी AI नियमों पर संघर्ष कर रहा है, वहीं भारत ने अपने IndiaAI गवर्नेंस गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं. जो इनोवेशन के साथ-साथ सुरक्षा पर भी ध्यान देते हैं.
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No Killer Robots
एक्टिविस्ट इस बात पर भी नाराज़ थे कि AI कंपनियां अब मिलिट्री के लिए काम कर रही हैं. उन्होंने No Killer Robots के नारे लगाए और डर जताया कि AI खतरनाक ऑटोमैटिक हथियार बन सकता है.