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गाजर एक वर्सेटाइल सब्जी है जिसे रेसिपी में इस्तेमाल किया जा सकता है और सलाद या स्नैक के तौर पर भी खाया जा सकता है. ये विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स का शानदार सोर्स है.
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नारंगी गाजर बड़े शहरों में पूरे साल मिलती है और लाल गाजर जिसे देसी गाजर भी कहते हैं वो सर्दियों में आती है.
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लेकिन क्या आपने कभी काली गाजर खाई है. ये गाजर असल में बहुत गहरे बैंगनी रंग की होती है जो एंथोसायनिन की ज्यादा मात्रा के कारण लगभग काली दिखती है इसलिए आम भाषा में इसे काली गाजर कहा जाता है.
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एंथोसायनिन ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन से लड़कर सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाता है. ये दिल की बीमारी, डायबिटीज, कैंसर और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का खतरा कम करता है. साथ ही त्वचा, आंखों और दिमाग की सेहत को भी बेहतर बनाता है.
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वहीं, लाल गाजर जो सर्दियों में खूब आती है. इसमें लाइकोपीन होता है जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है. यह कैंसर, दिल, सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव जैसी कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है.
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लाइकोपीन हानिकारक free radicals को बेअसर करता है जिससे ऑक्सीडेटिव तनाव और उम्र बढ़ने के लक्षण भी कम होते हैं.
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वहीं, नारंगी गाजर अपने बीटा-कैरोटीन के लिए जानी जाती है. यह एक एंटीऑक्सीडेंट है जो आपके शरीर में विटामिन A में बदल जाता है.
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बीटा-कैरोटीन ही इसके चमकीले नारंगी रंग के लिए भी जिम्मेदार होता है. ये आपकी आंखें स्वस्थ रखता है. ऐसे में अगर आप गाजर के शौकीन हैं तो आपको तीनों रंगों की गाजर ही अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए.
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आपको हर रंग की गाजर से कुछ ना कुछ फायदा मिलेगा और तीनों में आप अपनी जरूरत के मुताबिक चुनाव भी कर सकते हैं जिसके लिए आपको एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर करना चाहिए.
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खबर में बताई गई चीजें सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. अमल में लाने से पहले कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें.
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