15 Jan 2026
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
मार्केट में मशरूम की बढ़ती मांग को देखते हुए किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती कर रहे हैं.
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अगर सर्दियों के मौसम में मशरूम की उपयुक्त किस्मों की खेती की जाए तो बंपर पैदावार के साथ ही कम समय में अच्छा मुनाफा पा सकते हैं.
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ठंड के मौसम में बटन मशरूम और ऑयस्टर मशरूम की किस्में बेहतर पैदावार देती हैं. दोनों किस्मों की खेती सर्दियों में बेहद सफल रहती है.
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किसान इन्हें कमरे, स्टोर रूम, कंस्ट्रक्टेड शेड या बांस-फूस के झोपड़े में भी आसानी से उगा सकते हैं.
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बस ध्यान रखें कि जिस कमरे में मशरूम उगाई जा रही है, वहां हवा का उचित आवागमन होना जरूरी है, जिससे पैदावार तेजी से बढ़ती है.
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भारत में कुछ राज्य हैं जिसे मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त मानेा गया है- उत्तर प्रदेश में लखनऊ, गोरखपुर, मेरठ और पश्चिमी यूपी में बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है.
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बात करें कि हरियाणा की तो यहां करनाल, कुरुक्षेत्र, सोनीपत प्रमुख केंद्र हैं. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, राजस्थान में जयपुर, अलवर और सीकर जिलों में सर्दियों में बढ़िया उत्पादन होता है.
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कम्पोस्ट तैयार करने के लिए गेहूं का भूसा, चावल की पराली, भूसी या अन्य सामग्री का उपयोग कर कम्पोस्ट तैयार किया जाता है.
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बीज (स्पॉन) किसी प्रमाणित संस्थानों से अच्छी गुणवत्ता वाला खरीदें. प्लास्टिक बैग, ट्रे या सीधे कम्पोस्ट पर बीज डालकर बिस्तर तैयार किया जाता है.
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बीज डालने के 20-25 दिन बाद मशरूम तैयार होने लगते हैं. एक बार बने कम्पोस्ट से 2-3 फ्लश मिलते हैं, जिससे किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं.
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अगर किसान छोटी जगह में भी बटन या ऑयस्टर मशरूम की खेती करते हैं, तो वे महीने में करीब ₹20,000 से ₹50,000 तक की आमदनी आसानी से कमा सकते हैं.
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