13 Jan 2026
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क
फरवरी का महीना पौधों और गार्डनिंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि सर्दी धीरे-धीरे समाप्त होती है और बसंत आने की तैयारी शुरू होती है. इस मौसम में वातावरण में न ज्यादा ठंड होती है और न ज़्यादा गर्मी, ऐसे में पौधे तेजी से बढ़ते हैं और स्वस्थ रहते हैं.
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फरवरी में पौधों की प्रूनिंग/छँटाई करना बहुत ज़रूरी है. पुराने, सूखे और मुरझाए पत्तों या टहनियों को हटाने से पौधों पर नई हरियाली आने लगती है और वे बेहतर ग्रो करते हैं.
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जब सर्दियों में पौधों को कम पानी की ज़रूरत होती है, वहीं फरवरी में हल्की-हल्की नियमित पानी देना ज़रूरी है ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और पौधे हरे-भरे रहें.
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फरवरी में सुबह की धूप पौधों के लिए बहुत लाभदायक होती है. पौधों को ऐसे स्थान पर रखें जहाँ सुबह की धूप सीधे मिल सके. इससे उनकी ग्रोथ और फूलों की गुणवत्ता दोनों बढ़ती हैं.
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इस मौसम में पौधों को भरपूर पोषक तत्व चाहिए होते हैं. गोबर की खाद, वर्मीकंपोस्ट या बोन मील जैसी अच्छी जैविक खाद को मिट्टी में मिलाना पौधों की वृद्धि को तेज़ करता है.
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पर्याप्त धूप और पानी के बाद भी कीड़े लग सकते हैं। इसलिए नीम, फिटकरी या बाजार में मिलने वाले हल्के कीटनाशक का छिड़काव कर देना चाहिए, ताकि पौधों को बचाया जा सके.
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